परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) की तरह अब वाहनों की आरसी (पंजीयन सर्टिफिकेट) को भी रजिस्टर्ड डाक के जरिये वाहन स्वामी के घर भेजने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालय पर एक मई से शुरू कर दी जाएगी। आरसी के लिए वाहन स्वामी को अपना नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखा एक रजिस्ट्री लिफाफा मुहैया कराना होगा।
वर्तमान में निजी वाहनों का पंजीयन संबंधी डाटा फीडिंग कार्रवाई डीलर स्तर से हो रही है। डीलर पंजीयन संबंधी प्रपत्र स्थानीय परिवहन कार्यालय में लाते हैं। सिस्टम पर मिलान करने के बाद उन्हें एप्रूव कर दिया जाता है। इसके बाद सिस्टम में वाहन की पंजीकरण संख्या खुद जनरेट हो जाती है और आरसी की प्रति डीलर के प्रतिनिधि को दे दी जाती है। इसे संबंधित डीलर वाहन स्वामी को मुहैया करा देता है। लेकिन अब इस व्यवस्था को भी डाक के तहत लाया जा रहा है। प्रदेश के परिवहन आयुक्त के. रवींद्र नायक ने आरसी को भी रजिस्टर्ड डाक के जरिये घर भेजने के आदेश दिया है। यह व्यवस्था एक मई से लागू की जाएगी। नए पंजीयन के अलावा पंजीयन की डुप्लीकेट कापी, वाहन ट्रांसफर, एचपीए चढ़वाने या कटवाने, एनओसी लेने या पता बदलवाने के लिए भी रजिस्ट्री लिफाफा लिया जाएगा। लिफाफे में ही डाक से संबंधित दस्तावेज वाहन स्वामी के घर भेजे जाएंगे।
नई व्यवस्था से होगी परेशानी
डाक से डीएल घर भेजने की व्यवस्था का हाल बुरा है। कई-कई महीने तक डीएल घर नहीं पहुंचते। आरटीओ और डाक विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर लोगों को परेशान करते रहते हैं। अब आरसी के मामले में भी यही होगा। परिवहन विभाग नई व्यवस्था के साथ दस्तावेज के घर पहुंचने की समय सीमा भी निर्धारित करे, ताकि लोगों को दिक्कत न हो।