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Meerut News: गोली मारकर महिला की हत्या के दोषी को उम्रकैद

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बड़कली गांव में 19 जनवरी 2017 की रात दिया था वारदात को अंजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दौराला क्षेत्र के बड़कली गांव में आठ साल पहले गोली मारकर महिला संगीता की हत्या करने के दोषी अंकित उर्फ नकटा को एडीजे-20 कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
बड़कली गांव में 19 जनवरी 2017 की रात करीब 9 बजे संगीता दोनों बच्चों और सास के साथ घर में टीवी देख रही थी। संगीता कुछ ही देर पहले घेर से घर वापस लौटी थी। तभी कनपटी पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपी मौके से भाग गया। तब रुहासा गांव में एक किसान के यहां काम करने वाले संगीता के पति संजू ने गांव निवासी अंकित उर्फ नकटा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया गया था कि अंकित का संजू और संगीता से विवाद हुआ था। इस मामले में वह जेल गया था।
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आरोप था कि इसी रंजिश में उसने गोली मारकर संगीता की हत्या कर दी थी। 21 जनवरी को पुलिस ने आरोपी अंकित को भराला कट के पास से तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। दोनों पक्षों के गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने अंकित को सोमवार को सजा सुनाई।

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बलि देने के इरादे से मासूम को अगवा करने की कोशिश करने वाले तांत्रिक को 10 वर्ष का कारावास
पूर्वा अहमद नगर से तीन अगस्त 2015 को की थी पांच साल की बच्चे के अपहरण की कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी

मेरठ। पांच वर्षीय बालिका की बलि के इरादे से अपहरण के प्रयास के दोषी तांत्रिक को कोर्ट ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
देहली गेट थाना क्षेत्र के पूर्वा अहमद नगर निवासी शमशुद्दीन ने 8 अगस्त 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि तीन अगस्त की सुबह उसकी पांच वर्षीय पुत्र सुमईया दुकान से बिस्कुट लेने गई थी। तभी तांत्रिक सूफी इकबाल उर्फ बाला उसका मुंह दबाकर उठाकर ले जाने लगा। किसी तरह सुमईया के मुंह से उसका हाथ हट गया। बालिका के चीखने-चिल्लाने पर लोग आए तो आरोपी तहसील की दीवार फांदकर भाग निकला। पिता ने आशंका जताई थी कि बलि देने के मकसद से आरोपी ने उनकी पुत्री के अपहरण का प्रयास किया।
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थाने में शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। पीड़ित ने डीआईजी के यहां शिकायती पत्र दिया था। डीआईजी के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर एडीजे-17 रमेश कुशवाह ने सूफी इकबाल को दोषी माना और सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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