न्यायालय ने चारों पर एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सरूरपुर थाना क्षेत्र के रासना गांव में 19 अक्तूबर 2015 को प्रधान पद के दावेदार प्रदीप त्यागी की हत्या के मामले में न्यायालय ने चार दोषियों निगम त्यागी, राहुल, विनोद और बृजकिशोर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज-2 प्रहलाद सिंह ने चारों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। एक आरोपी जॉनी को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया। इस मामले में पुलिस ने विवेचना में 34 गवाहों को शामिल किया था। न्यायालय में 16 गवाहों ने बयान दर्ज कराये थे।
रासना गांव निवासी प्रदीप त्यागी और निगम त्यागी वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। 19 अक्तूबर की शाम प्रदीप गांव में जनसंपर्क के दौरान रामपुर मार्ग स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-3 के सामने जगपाल उर्फ जग्गा के घर पर पहुंचे थे। इसी दौरान गांव में निगम त्यागी अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। निगम ने पहले प्रदीप त्यागी के पैर छुए और उससे आशीर्वाद मांगा। इसके बाद निगम और उसके साथियों ने प्रदीप त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जो उसके चेहरे पर लगी।
प्रदीप त्यागी की मौके पर ही मौत हो गई। प्रदीप त्यागी के भाई यतेंद्र त्यागी ने निगम त्यागी, राहुल उर्फ काला, विनोद, बृजकिशोर और जॉनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना करते हुए 23 दिसंबर 2015 को निगम त्यागी, राहुल उर्फ काला और 13 मई 2016 को विनोद व बृजकिशोर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। शनिवार को न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई।
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गुस्साए ग्रामीणों एक आरोपी को पीटकर मार डाला
वारदात के दौरान गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। उन्हें आता देखकर निगम त्यागी और राहुल उर्फ काला समेत अन्य आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हा गए। लेकिन उनका एक साथी नशे में होने के कारण भाग नहीं पाया। भागते हुए वह गिर पड़ा। प्रदीप त्यागी की हत्या की जानकारी जिसे मिली वह वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने पकड़े गए आरोपी से तमंचा छीन लिया। आक्रोशित भीड़ ने ईंट से कुचकर उसकी हत्या कर दी। जेब से मिली आईडी से उसकी पहचान समुंदरपाल निवासी राहवती, थाना मवाना के रूप में हुई थी।
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पुलिस को भी झेलना पड़ा था ग्रामीणों की गुस्सा
हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने सीओ सरधना, थानाध्यक्ष सरूरपुर और थानाध्यक्ष रोहटा व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट कर दी थी। पुलिस के वाहनों में भी तोड़फोड़ कर दी थी। तब पुलिसकर्मियों ने खेत में घुसकर अपनी जान बचाई थी। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए हवाई फायर करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया था। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए थे।
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प्रदीप और निगम में कई बार हुआ था विवाद
प्रधान पद के उम्मीदवार प्रदीप और निगम के बीच कई बार विवाद हुआ था। निगम ने प्रदीप को चुनाव लड़ने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। निगम त्यागी भी पहली बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। निगम ने प्रदीप के घर जाकर कहा था कि ताऊ तू इस बार चुनाव मत लड़ और मुझे आशीर्वाद दे दो। तब प्रदीप ने कहा था कि मैं तो चुनाव लडूंगा, तुम भी लड़ो। गांव वाले तय करेंगे कि कौन प्रधान बनेगा। इसके बाद दोनों के बीच नोकझोंक हुई थी।