मेरठ/खरखौदा। प्रेमविवाह के दो वर्ष बाद पत्नी निशा व आठ माह के पुत्र की हत्या करने वाले लोहियानगर थाना क्षेत्र के गांव जाहिदपुर निवासी मोनू उर्फ योगेश्वर को न्यायालय ने सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण ओमप्रकाश ने दोषी पर 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मोनू उर्फ योगेशवर पांच साल से जेल में था। उसे जमानत भी नहीं मिली थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पहले खरखौदा थाना क्षेत्र व अब लोहियानगर थाना क्षेत्र के गांव जाहिदपुर में 25 फरवरी 2020 को विवाहिता निशा (22) की गला रेतकर और आठ माह के पुत्र की गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में निशा के पिता तिलकराम निवासी कलंजरी थाना जानी खुर्द ने खरखौदा थाना पर बेटी निशा व आठ माह के पुत्र की हत्या की दामाद मोनू उर्फ योगेश्वर, जेठ पप्पू उर्फ सत्येंद्र, सास कौशल्या व ससुर स्वराज सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद केवल मोनू उर्फ योगेश्वर के खिलाफ ही चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। न्यायालय ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनते हुए साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर मोनू उर्फ योगेश्वर को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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नशे करने पर होता था दंपती में विवाद
दिल्ली में लाल किला स्थित पुरातत्व विभाग से सेवानिवृत हुए कलंजरी निवासी तिलकराम के अनुसार उसकी पुत्री निशा ने परिवार की नाराजगी के बाद भी मोनू उर्फ योगेश्वर के साथ प्रेम विवाह कर जीवन जीने का संकल्प लिया था, लेकिन शादी के बाद बेरोजगार मोनू नशे का आदी हो गया। वह तरह-तरह का नशा करने लगा। इससे परिवार में आए दिन अनबन रहने लगी तथा उसने बेटी निशा व उसके आठ मां के बेटे की हत्या कर दी। पांच वर्ष के बाद उन्हें न्याय मिला है।
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