वायरल के साथ चिकनगुनिया खासा घातक साबित हो रहा है। अभी भी अस्पतालों से ज्यादा घरों में लोग बीमार हैं। बुखार ठीक होेने के बाद भी जोड़ों और सिर में दर्द के कारण मरीज कराह रहे हैं। वहीं चिकनगुनिया से लीवर और किडनी में इंफेक्शन की समस्या हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बीते कुछ सालों के दौरान शायद ही इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए हैं जितने इस बार हैं। लीवर और किडनी में इंफेक्शन के कारण मरीजों को लंबे समय तक दवा का सेवन करना पड़ रहा है। यानी एक तरह की समस्या खत्म हो रही है तो दूसरी खड़ी हो जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि चिकनगुनिया व वायरल के मरीजों में कुछ समय के बाद गर्दन की नसों में जकड़न के साथ ही सिर में दर्द होना और नींद न आने की समस्या है। वहीं मरीजों के हाथों, पैरों में सूजन के साथ जोड़ों में दर्द की समस्या। टांगों की मांसपेशियों में तेज जकड़न के साथ अत्यधिक कमजोरी महसूस होना। साथ ही पेट में जलन के साथ ही भूख न लगना की समस्या पैदा हो रही है।
ऐसे करें बचाव
- वायरल, चिकनगुनिया के मरीज बीच-बीच में पानी का सेवन करते रहें।
- शरीर में तरल पदार्थों की कमी न होने दें।
- वायरल ठीक होने के बाद अपनी डाइट बढ़ाएं।
- डाइट में अधिक मात्रा में लिक्विड़ पदार्थों की इस्तेमाल करें।
- पेनकिलर दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह से ही करें।