शुक्रवार रात टीपी नगर क्षेत्र में घुसा तेंदुआ तीन दिन बाद भी वन विभाग की टीम के हाथ नहीं लग पाया। पांच टीमों ने सोमवार को क्षेत्र में अलग- अलग जगहों पर तेंदुए की तलाश की। 90 से अधिक घरों में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
अधिकारी मानकर चल रहे हैं कि तेंदुआ शुक्रवार रात में ही जंगल की ओर निकल गया होगा। उधर, सोमवार को टीपी नगर क्षेत्र में हालात सामान्य रहे और क्षेत्र के सभी स्कूल खुले रहे। शुक्रवार रात ज्वाला नगर निवासी अभिषेक और आर्यव्रत चौधरी ने तेंदुए को गली में देखा था। शनिवार सुबह गली में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई। दो फुटेज में तेंदुआ दिखाई पड़ा था। इसके बाद पुलिस व वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। सोमवार को टीम ने ज्वाला नगर, नवल नगर में अभियान चलाया। इस दौरान वन दारोगा मोहन सिंह, विशंभर, विधानचंद, सूरज, गौरव आदि कर्मचारी रहे।
90 से अधिक कैमरों की फुटेज देखी
जिला वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि तीन दिनों से टीम अलग-अलग जगहों पर तेंदुए की तलाश कर रही है। करीब 90 कैमरों, 22 खाली प्लॉटों व कई खाली भवनों को देखा गया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। उनका मानना है कि तेंदुआ रेलवे लाइन के किनारे आसपास के जंगल में कहीं भी जा सकता है। अगर क्षेत्र में तेंदुआ होता तो कोई न कोई निशान जरूर मिलता। आसपास के लोगों को सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए बोल दिया है। स्कूलों में भी स्थिति सामान्य है।
दो दिन तक नहीं निकले थे घर से
ज्वाला नगर निवासी संजीव इसी क्षेत्र में दर्जी का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि दो दिनों तक उनकी दुकान पर ग्राहक भी आने बंद हो गए थे। सोमवार से स्थिति सामान्य हुई है। लोग अब दुकान पर आ रहे हैं।
बच्चों को भेजा स्कूल
क्षेत्रीय निवासी सतीश ने कहा कि शनिवार को तेंदुए के डर से बच्चों को स्कूल नहीं भेजा था। सोमवार को स्थिति सामान्य रही। वन विभाग को यहां कुछ नहीं मिला है। बच्चों को भी स्कूल भेज दिया।
सबसे पहले भूसे की टॉल में घुसा था तेंदुुआ
क्षेत्रीय निवासी अभिषेक मित्तल ने बताया कि शनिवार सुबह उन्होंने अपनी भूसे की टॉल में जाकर देखा तो यहां जगह बनी थी। शुक्रवार रात में उनकी गाय ने भी हरकत की थी। इसके बाद वह उठकर टॉल की तरफ गए थे। उन्होंने दरवाजे से उसे बाहर निकलते देखा था। सुबह सामने वाले घर की कैमरे की फुटेज देखकर वन विभाग को सूचना दी थी।