समयपुर निवासी मुरारी पुत्र छोटे भेड़ और बकरी पालता है
भेड़ करीब छह फीट की चारदीवारी में बंद थीं। गेट लगा था, लेकिन छत खुली थी। दीवार लांघकर भेड़ों को शिकार बनाया गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एसओ मुंडाली महिपाल सिंह और मऊखास पुलिस चौकी इंचार्ज लोकेश सिसौदिया मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वन विभाग को सूचना दी। विभाग की ओर से रेंजर और एसडीओ संजीव कुमार पहुंचे। भेड़ों की गर्दन और पीछे हमला हुआ। पड़ोस में किसी को आवाज नहीं आई। हमले का पता सुबह चला।
डीएफओ अदिति शर्मा का कहना है मौके पर तेंदुए के पंजे के निशान नहीं मिले हैं और न ही कोई बाल मिला है। टीम मुआयना कर रही है। हालांकि पुष्टि की लिए मृत भेड़ों की वेटनरी जांच कराई जा रही है।
भेड़ों को पंजे से मारा
पशु चिकित्सालय अधिकारी डॉ. एके सिंह ने भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया पंजे से भेड़ों पर हमला किया गया। जिस वजह से उनका शरीर फट गया और मौत हुई। भेड़ें जंगली जानवर द्वारा मारी गई हैं। वह यह नहीं कह सकते कि वह तेंदुआ था या कोई और। तीन भेड़ों की हालत गंभीर है।
ग्रामीणों ने पहरा दिया
भेड़ पर हमले के बाद ग्रामीणों को अपने पशुओं का डर है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हमलावर जानवर तेंदुए है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि भेड़ों का शिकार जंगली जानवर ने किया है। संभावना तेंदुए की ही है। ग्रामीण गाय और भैंस को लेकर डरे हैं। गर्मी में जानवर खुले में रहते हैं। ग्रामीणों ने रात में पहरा दिया।