तेंदुआ नहीं आया हाथ, दहशत बरकरार, ग्रामीणों का तीन तेंदुए होने का दावा
किठौर। फतेहपुर नारायण के जंगल में तेंदुए की दहशत बरकरार है। वन विभाग द्वारा सोमवार को लगाया गया पिंजरा मंगलवार सुबह भी खाली मिला। डीएफओ ने मौका मुआयना कर तेंदुए की घेराबंदी के लिए पिंजरे को दूसरे स्थान पर लगवा दिया। इस पर ग्रामीणों ने विरोध किया। लोगों का गुस्सा देख दूसरा पिंजरा मंगवाया गया। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में तीन तेंदुए हैं।
किठौर क्षेत्र के फतेहपुर गांव के जंगलों में चार दिन से तेंदुए दिखाई दे रहा है। इससे लोगों में दहशत है। किसान भी खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुबह पिंजरे के बाहर दो तेंदुओं को बैठे देखा गया था। सोमवार को वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाया गया था। इसमें एक बकरी भी बांधी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि रात में तेंदुए ने पेड़ पर चढ़कर बकरी पर हमला करने की कोशिश की। पिंजरे के ऊपर कूदने से उसका गेट पहले ही बंद हो गया। इस कारण वह पिंजरे में नहीं आ सका।
मंगलवार सुबह डीएफओ राजेश कुमार, एसडीओ आनंद मिश्रा, रेंजर जग्गनाथ, कैलाश के साथ दो दर्जन से अधिक वन कर्मी मौके पर पहुंचे। मादा तेंदुए के साथ दो अन्य तेंदुए मौजूद हैं। इनमें एक शावक शामिल है।
वाइल्ड लाइफ केयर की टीम पहुंची
मंगलवार को वाइल्ड लाइफ केयर की टीम भी पहुंची। ग्रामीणों ने टीम से जल्द ही तेंदुए को पकड़ने की गुहार लगाई। टीम ने उन्हें आश्वासन दिया। टीम ने कई जगह तेंदुए के पैरों के निशान देखे।
ईख में दिखी हलचल
डीएफओ राजेश कुमार के साथ वाइल्ड लाइफ केयर की टीम मौके पर पहुंची। पहले से लगे पिंजरे से मात्र 20 मीटर की दूरी पर ईख के खेत में हलचल दिखाई दी। टीम ने वहां खोजबीन शुरू कर दी। टीम के एक कर्मचारी ने पेड़ पर चढ़कर देखा और दो तेंदुए होने की सूचना अधिकारियों को दी। जब तक टीम उन्हें पकड़ती तेंदुए जा चुके थे। क्षेत्र में दोनों टीमें डेरा डाले हुए हैं।
अभी संख्या के बारे में नहीं कह सकते
डीएफओ मेरठ का राजेश कुमार का कहना है कि वाइल्ड लाइफ केयर की टीम और वन विभाग की टीम डेरा डाले हुए है। टीम को निर्देशित कर दिया है। तेंदुओं की संख्या के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सका। दो पिंजरे लगाएं गए हैं। गांव वालों का पूरा सहयोग मिल रहा है। जल्द ही सफलता मिल जाएगी।