संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। क्षेत्र के अकबरपुर सादात और आसपास के गांवों में तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है। शुक्रवार को बहसूमा जाने वाले रास्ते पर बकरी चरा रहे ग्रामीण की बकरी पर तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ बकरी को उठाकर बाजरे के खेत में ले गया। ग्रामीण के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ बकरी को खेत में छोड़कर भाग गया।
अकबरपुर सादात निवासी पप्पू पुत्र कालू शुक्रवार को बहसूमा मार्ग पर बकरियां चरा रहा था। अचानक तेंदुए ने एक बकरी पर हमला कर दिया और उसे मुंह में दबाकर खेत की ओर ले गया। बकरी के मालिक ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद ग्रामीण भी मौके की ओर दौड़ पड़े। लोगों की आवाज सुनकर तेंदुआ घायल बकरी को बाजरे के खेत में छोड़कर भाग गया। ग्रामीणों ने लहूलुहान बकरी को किसी तरह घर पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मोनू पंवार घौरिया, रविंद्र, सतेंद्र और गजेंद्र आदि पीड़ित के घर पहुंचे।
उन्होंने घायल बकरी की हालत देखी और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को फोन कर उपचार की व्यवस्था कराने को कहा। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों को भी तेंदुए के हमले की जानकारी दी। वन रेंजर खुशबू उपाध्याय का कहना है कि मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया।
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नहर पटरी पर फिर दिखा तेंदुआ, बच्चों और राहगीरों में दहशत
हस्तिनापुर। सेंक्चुअरि के संरक्षित जंगल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली मध्य गंगा नहर की पटरी पर शुक्रवार दोपहर एक बार फिर तेंदुआ दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर एक कार सवार हस्तिनापुर से मध्य गंगा नहर की पटरी होते हुए मालीपुर की ओर जा रहा था। कुछ दूरी पर सड़क पर तेंदुआ दिखाई दिया। वाहन के नजदीक पहुंचते ही तेंदुआ झाड़ियों में जाकर छिप गया। कार सवार युवकों ने उसका वीडियो बना लिया। तेंदुआ सड़क पर चहलकदमी करता भी दिखाई दिया। इसी दौरान स्कूल की छुट्टी होने पर मालीपुर गांव के दर्जनों बच्चे नहर पटरी के रास्ते घर लौट रहे थे। तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर कार सवार ने बच्चों को आगे जाने से रोक दिया। बाद में सभी बच्चे एकत्र होकर समूह में भयभीत अवस्था में गांव की ओर रवाना हुए। करीब चार दिन पूर्व तेंदुआ जैन निशियाजी मंदिर के पास भी तेंदुआ दिखाई दे चुका है।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि तेंदुआ जिस स्थान पर दिखाई दिया है, वह हस्तिनापुर सेंक्चुअरि का संरक्षित जंगल क्षेत्र है। प्राकृतिक वास होने के कारण यहां तेंदुआ समेत अन्य वन्यजीवों का मिलना स्वाभाविक है। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।