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Meerut News: आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धिकरण का समय है चालीसा काल

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सरधना। चालीसा काल के चौथे रविवार को ऐतिहासिक चर्च में प्रार्थना करने पहुंचे बिशप और श्रद्धालुगण
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सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में रविवार को चालीसा काल के चलते श्रद्धालुओं ने माता मरियम के दरबार में मत्था टेका और प्रभु यीशू से प्रार्थना की। बताया कि चालीसा काल’ आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धिकरण के लिए वर्ष में एक बार प्रदान करता है। चालीसा काल श्रद्धालुओं में आंतरिक और बाहरी बदलाव का मार्ग प्रशस्त करता है।
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चालीसा काल के चलते रोमन कैथोलिक चर्च में रविवार को फादर जॉन मिल्टन ने बताया कि ईश्वर हमें इतना प्यार करते हैं कि वह हमें दोषी ठहराने के लिए नहीं बल्कि हमें अपनाकर, हमें बचाते हैं जिससे कोई खो न जाए। इसे ध्यान में रखते हुए लोग अपने पापमय जीवन का परित्याग कर, उपवास व परहेज के साथ ईश्वर से प्रार्थना करते हुए, पवित्र जीवन की कामना करते हैं। बताया कि 6 सप्ताहों का उपवास का समय तथा 4 दिनों का उपवास व मनन-चिंतन कुल मिलाकर 40 दिन होते हैं। यह समय श्रद्धालुओं को यीशु की पीड़ाओं, मृत्यु और पुनरुत्थान की याद दिलाता है। फादर जॉन मिल्टन ने बताया कि प्रभु यीशु के दुखों में भागी होना क्रूस के रास्ते पर चलते हुए कलवारी पहाड़ी तक उनका अनुसरण करने का अहसास है। चालीसा काल पश्चाताप का वह मौका है जिसमें श्रद्धालु मुक्ति पाने के लिए यीशु के दुखों में अपने दुखों को अर्पित कर अनंत शांति प्राप्त कर लेते हैं। प्रभु यीशू के सामने कोई चीज छिपी हुई नहीं है। वह उन्हें हृदय से पढ़ लेते हैं।
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