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एक बर्खास्त, 17 निलंबित, 138 की सेवा ब्रेक

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मेरठ।
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जिले में चल रही लेखपालों की हड़ताल पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शासन के निर्देश पर जिले में एक लेखपाल को बर्खास्त, 17 को निलंबित और 138 की सेवा ब्रेक कर दी गई है। कार्रवाई के बाद से लेखपालों में हड़कंप मचा है। हालांकि, उप्र लेखपाल संघ ने धरना-प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। प्रदेश में 10 दिसंबर से 12 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसके चलते कई हजार आय, जाति, पेंशन आवेदन अटके पड़े हैं।
बुधवार को भी तहसील में लेखपाल कार्यालयों पर ताले लटके रहे। इसके बाद ही कार्रवाई अमल में लाई गई। एसडीएम सदर, मवाना और सरधना ने अपने-अपने क्षेत्र के लेखपालों पर कार्रवाई कर नोटिस जारी किए। इसमें सदर तहसील के विनोद कश्यप को बर्खास्त कर दिया गया है। वह उप्र लेखपाल संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं। वहीं, आठ को निलंबित और 52 की सेवा ब्रेक की गई। इसके अलावा मवाना तहसील के चार लेखपाल निलंबित, 49 की सेवा ब्रेक और सरधना तहसील के पांच निलंबित और 30 की सेवा ब्रेक कर दी गई है। सरधना तहसील के निलंबित लेखपालों में मनवीर सिंह, सुरेश पाल, रामलाल, दिनेश कुमार और मंजीत शर्मा शामिल हैं। वहीं, मवाना तहसील के निलंबित लेखपालों में अध्यक्ष राधेश्याम, अरविंद कुमार, प्रमोद कुमार, सत्येंद्र सिंह शामिल हैं। इन सभी लेखपालों पर कार्रवाई कर संस्तुति रिपोर्ट डीएम अनिल ढींगरा को भेजी गई है।
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अब और बढ़ेगी तहसील में समस्या
लेखपालों पर कार्रवाई होने के बाद जिले की जनता को आय, जाति आदि प्रमाणपत्र के लिए अब और भटकना पड़ेगा। आमतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित कई स्थानों पर प्रमाण-पत्रों की जरूरत होती है। लेकिन लेखपालों पर कार्रवाई होने से सत्यापन कार्य अटक जाएंगे। आवेदकोें को महीनों इंतजार करना पड़ेगा।
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ये हैं लेखपालों की मांगे
लेखपालों को दिए जाने वाले यात्रा भत्ते को बढ़ाया जाए, लेखपालों को भी प्रमोशन दिए जाएं, पीएम किसान सम्मान योजना में लेखपालों से कराए गए काम का इंसेंटिव समेत कई मांगे हैं।
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