शिकायत के बाद भी सरकारी भूमि पर चल रहा था निर्माण
हस्तिनापुर। कस्बे की मखदूमपुर कॉलोनी में प्राचीन शिव मंदिर पर अवैध रूप से निर्माण करने और निर्माण रुकवाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस मामले में लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को दी है। इसमें मंदिर और आसपास की आबादी को राजकीय भूमि पर बताया है।
मखदूमपुर कॉलोनी में शिव मंदिर पर अवैध कब्जे की शिकायत लगातार तहसील प्रशासन से की जा रही थी। इस मामले में एसडीएम मवाना संतोष कुमार ने जांच बैठाई तो पूरा मामला सामने आ गया। इसमें संबंधित लेखपाल मनोज कुमार ने हस्तिनापुर निवासी नरेश कुमार की शिकायत और एसडीएम के निर्देश पर मखदूमपुर कॉलोनी के शिव मंदिर की जांच की। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि कस्बे में कोरवान क्षेत्र में स्थित खसरा संख्या 331 राज्य सरकार भूमि व्यवस्था कमिश्नर के नियंत्रण में है। उत्तर प्रदेश सरकार प्रबंधक राजकीय विद्यालय हस्तिनापुर अन्य कृषि आरोग्य बंजर भूमि है, जिस पर मंदिर और आसपास की आबादी का निर्माण हुआ है।
लेखपाल ने रिपोर्ट में बताया कि उक्त भूमि के राजकीय संपत्ति होने के कारण यहां किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं हो सकता। जारी निर्माण को रुकवा दिया गया है। जबकि कॉलोनी निवासी सुशील और नरेश ने इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर दर्जनों शिकायत की हैं। उसके बाद भी मंदिर के पास खाली भूमि पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया गया।
सरकारी भूमि पर अधिकतर अवैध कब्जे
मखदूमपुर कॉलोनी का यह मामला नया नहीं है। ऐतिहासिक नगरी में विभिन्न स्थानों पर करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर भूमाफिया ने अवैध कब्जा किया हुआ है। 50 से अधिक लोगों पर तो नगर पंचायत ने अवैध कब्जा संबंधित पीपी एक्ट का मुकदमा भी दर्ज कराया है।
सरकारी भूमि पर नहीं होगा निर्माण
मखदूमपुर कॉलोनी का मामला संज्ञान में है। अवैध रूप से हो रही निर्माण को रुकवा दिया गया है। यहां किसी भी तरह का कोई निर्माण नहीं होगा। -संतोष कुमार, एसडीएम, मवाना