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पेपर रहा आसान, इंतजार पड़ा कठिन

Mon, 14 Sep 2015 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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लेखपाल की परीक्षा में अभ्यर्थी और उनके साथ आए परिजनों को इंतजार भारी पड़ गया। पेपर तो आसान रहा, लेकिन केंद्रों के बाहर इंतजार करना कठिन रहा। एडमिट कार्ड पर रिपोर्टिंग पेपर से दो घंटे पहले दी गई थी। इस वजह से केंद्रों पर अभ्यर्थी पहले ही पहुंच गए, लेकिन एंट्री आधा घंटे पहले दी गई। इससे केंद्रों के बाहर की व्यवस्था चरमरा गई। जाम की स्थिति बन गई। अभ्यर्थी और अभिभावक परेशान हो गए। परीक्षा शांतिपूर्ण रही। तीन अभ्यर्थियों को परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया। एक महिला अभ्यर्थी के पास मोबाइल मिला।
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परीक्षा दो पालियों में हुई। सुबह की पाली में पेपर साढ़े दस बजे से 12 बजे तक था। केंद्रों पर आठ बजे ही अभ्यर्थी पहुंचने शुरू हो गए। दो घंटे पहले रिपोर्टिंग टाइम ने इंतजार में परेशान कर दिया। केंद्रों के बाहर भीड़ लग गई। पहली पाली में 31185 में से 5259 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे तक हुई। एक बजे ही केंद्रों पर अभ्यर्थी पहुंच गए थे।

शहर के अंदर बने केंद्रों पर ज्यादा परेशानी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक बाहर अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ा। दूसरी पाली में 31185 में से 5423 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा छूटने के बाद भी केंद्रों के बाहर जाम की स्थिति रही। आरजी डिग्री कॉलेज के सेंटर पर एक महिला अभ्यर्थी के पास मोबाइल मिला। वह छुपाकर मोबाइल अंदर ले गई। इंटरनेट पर सवाल सर्च कर रही थी, उसे पकड़ लिया। परीक्षा से निष्कासित कर दिया। इसके अलावा अंबेडकर डिग्री और एफआईटी में दो अभ्यर्थी दोपहर की पाली के सुबह की पाली में पेपर देने पहुंच गए। उन्हें भी बाहर कर दिया।
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कुछ इस तरह आए सवाल
लेखपाल का पेपर आसान रहा। मैथ थोड़ा टफ था। 90 मिनट में 100 सवाल हल करने थे। ग्रामीण विकास से भी सवाल पूछे गए। ग्रामीण पंचायत का सदस्य बनने के लिए कितनी उम्र होनी चाहिए, यह पूछा। 2011 की जनगणना के मुताबिक यूपी का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला शहर कौन सा है, यूपी रेलवे का मुख्यालय कहां है, दिल्ली मेट्रो में ड्राइवर रहित ट्रेन भारत ने किस देश से ली है, आदि सवाल पूछे गए।

पीएचडी वाले भी लेखपाल की दौड़ में
बेरोजगारी का आलम यह है कि पीएचडी और बीएड करने वाले भी छात्र-छात्राओं ने लेखपाल की परीक्षा दी है। इसके अलावा बीबीए और बीसीए पास भी परीक्षा देने वालों में शामिल रहे।
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