महानगर की सड़कों 42 हजार एलईडी लगने के बाद भी अंधेरा कायम है। अमर उजाला इसका खुलासा भी कर चुका है। निगम ने जांच कराई तो सोफीपुर मार्ग पर 75 फीसदी से अधिक एलईडी लाइटें खराब मिलीं। बाकी शहर के हालात भी कुछ अच्छे नहीं हैं। नियमों का पालन ने करने पर निगम ने ईईएसल कंपनी पर नौ लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। अपर नगरायुक्त ने कंपनी को पत्र भेजा है। वहीं कांवड़ मेला करीब होने के कारण नगर निगम पथ प्रकाश व्यवस्था के प्रति गंभीर है।
महानगर में ईईएसएल कंपनी ने 42 हजार एलईडी लगाई गई हैं। इनके रखरखाव और जलाने बुझाने की जिम्मेदारी भी अनुबंध के तहत कंपनी के पास है। हो ये रहा है कि एलईडी न तो समय से जल रही हैं और न बंद हो रही हैं। रखरखाव के मामले में भी कंपनी ने हाथ खडे़ कर दिये हैं। एलईडी खराब होने के बाद लोग नगर निगम और कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत करते हैं, लेकिन शिकायत का समाधान तक नहीं होता। नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक शहर में तीन-चार हजार लाइटें खराब पड़ी हैं।
रुड़की रोड पर कराया निरीक्षण
नगर निगम प्रशासन ने रुड़की रोड पर पथ प्रकाश का निरीक्षण कराया तो स्थिति खुलकर सामने आ गई। सोफीपुर मार्ग पर 75 फीसदी लाइट खराब मिली। नियमानुसार खराब लाइटोें को 48 घंटे में ठीक कराया जाना चाहिए। निगम प्रशासन के पत्र के अनुसार ईईएसएल की वेंडर कंपनी द्वारा भ्रामक सूचना देकर नगर निगम और ईईएसएल को गुमराह करने का काम किया है।
आठ लाख 89 हजार का अर्थदंड लगाया
रुड़की रोड सोफीपुर के निकट बंद पड़ी एलईडी की लाइटों पर निगम प्रशासन ने जुर्माना राशि 889437.12 अर्थदंड निर्धारित किया है। साथ ही जुर्माना राशि नगर निगम कोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं। कारण है कि कंपनी ने शिकायत के 48 दिन बाद भी एलईडी ठीक नहीं की हैं।
कंपनी पर होगी कार्रवाई
कंपनी को कई बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कंपनी के लोग काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। जनता खराब लाइटों की शिकायत निगम में लेकर पहुंच रही हैं। अब कंपनी पर अर्थदंड लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। अब भी कंपनी निर्देशों का पालन नहीं करती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -अलीहसन कर्नी, अपर नगरायुक्त