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यूपी: 115 साल पुराना कैंट एरिया 20 लाख लोगों को दे रहा ऑक्सीजन, ये रही खास बातें

Tue, 31 Jul 2018 05:57 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शहर में 14 लाख पेड़ - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में 115 साल पुराना कैंट क्षेत्र पूरे शहर को ऑक्सीजन दे रहा है। यहां लगे 14 लाख के करीब पेड़ शहर के 20 लाख लोगों के लिए संजीवनी बने हुए हैं। कैंट में पेड़ों की ये संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। पेड़ों के साथ ही कैंट में बने 59 पार्क यहां की हरियाली में चार चांद लगा रहे हैं।

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सन 1801 में स्थापित कैंट क्षेत्र 3568 हेक्टेयर में फैला हुआ है। 60 फीसदी क्षेत्र हरियाली से घिरा है। ऐसे में प्रति हेक्टेयर सात सौ पौधों का यहां पर औसत आ रहा है। कैंट एक्ट के प्रावधान में हर साल तीन से पांच हजार पौधे रोपे जाते हैं। 115 साल से पौधरोपण किया जा रहा है। 15 साल पहले कैंट बोर्ड के एक सर्वे में यहां पर पेड़ों की संख्या 13 लाख के करीब आंकी गई थी। अब ये संख्या 14 लाख के करीब पहुंच गई है। सेना का अधिकांश क्षेत्र हरियाली से घिरा हुआ है। शहर के बीचोबीच बने गांधी पार्क में ही पेड़ों की संख्या 20 हजार से ज्यादा है। इनमें हजारों की संख्या में औषधीय पौधे भी हैं। कैंट बोर्ड के अपने छोटे-बड़े तिकोने और पार्कों की संख्या 39 है। सेना के अपने 20 पार्क हैं। हालांकि सेना के पार्कों में आम लोगों के जाने पर मनाही है।

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सीईओ प्रसाद चव्हाण ने बताया कि मानसून सीजन चल रहा है। इस बारे में सीईई अनुज सिंह को प्लांटेशन ड्राइव शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सप्ताह भर में ड्राइव शुरू हो जाएगा। हर बार की तरह पांच हजार पौधे रोपे जाएंगे। इसके अलावा सेंट्रल मिलिट्री वेटनरी लैब की तरफ से सेना भी पौधरोपण करेगी। कैंट में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों के होने से यहां का तापमान भी शहर के दूसरे इलाकों के मुकाबले कम रहता है।

वन विभाग ने लगा दिए दो लाख पौधे 
डीएफओ अदिति शर्मा बताती हैं कि कैंट में सबसे ज्यादा पेड़ हैं। इस बार दो लाख पौधे वन विभाग की तरफ से पूरे जिले में लगाए गए हैं। ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। 21 जगहों पर पौधरोपण का कार्य तेजी से चल रहा है।

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