सफाई पर नहीं किया काम, अब जनता की फीडबैक पर ध्यान
मेरठ। शहर की सफाई और स्वच्छता अभियान के नाम पर नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कर्मचारियों और अफसरों की लापरवाही के कारण शहर अभी भी गंदगी के ढेर पर बैठा है। पूरे साल नगर निगम अफसरों ने सिवाय दावों के स्वच्छता के लिए कोई काम नहीं किया, लेकिन अब वही अफसर स्वच्छता सर्वेक्षण में सफलता के लिए जनता से अच्छी फीडबैक देने की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि जनता की फीडबैक के आधार पर ही स्वच्छता सर्वेक्षण में सफलता का पैमाना तय होगा, लेकिन अब शहर की जनता फीडबैक देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। फीडबैक के मामले में मेरठ नगर निगम के मुकाबले आसपास की नगर पालिकाएं भी आगे चल रही हैं।
अब महज 10 दिन शेष
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए फीडबैक प्रक्रिया शुरू 20 दिन बीच चुके हैं, लेकिन अभी तक महज सात हजार लोगों ने ही इसमें भाग लिया है। फीडबैक के मामले में मेरठ 19वें पायदान पर है। अब महज 10 दिन शेष है, अगर इन 10 दिनों में भी जनता ने फीडबैक नहीं दी तो स्वच्छ शहरों की सूची में शहर सबसे पीछे ही दिखेगा।
इस एप पर करनी होगी वोटिंग
मोबाइल एप एसएस 2020 वोट फॉर योर सिटी और स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 पर जनता को फीडबैक देने की सुविधा दी गई है। इन पर स्वच्छता से जुड़े कुछ सवाल पूछे जाएंगे, जिनका जवाब लोगों को देना है। इन सवालों में शहर की स्वच्छता, सफाई से आप कितने संतुष्ट हैं?, क्या घर से डोर टू डोर कूड़ा उठाया जाता है?, नाले साफ होते हैं या नहीं? जैसे सवाल पूछे जाएंगे।
अधिकारियों की आपसी खींचतान का है नतीजा
शहर की स्वच्छता के लिए सरकार ने नगर निगम में अलग से नगर स्वास्थ्य विभाग बनाया हुआ है। जिसमें नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेन्द्र कुमार तैनात हैं। इनके अलावा सफाई सफाई इंस्पेक्टर और सफाई नायक तैनात हैं। इतना ही नहीं तीन हजार से अधिक सफाई कर्मचारी भी हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर गंदगी के ढेर पर बैठा है। पिछले छह माह से नगर स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य अधिकारियों में अधिकारों को लेकर खींचतान चल रही है, लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ये है वोटिंग में मेरठ की स्थिति
लखनऊ 573125
कानपुर 440712
आगरा 330502
गाजियाबाद 299196
मथुरा 61667
नोएडा 55764
सहारनपुर 46063
मोदीनगर 24316
मुरादनगर 10839
लोनी 8772
हापुड़ 7620
मेरठ 7000
फीडबैक के लिए जुटा पूरा नगर निगम
स्वच्छता सर्वेक्षण में किरकिरी से बचने के लिए नगर निगम के अधिकारी अब जनता को फीडबैक देने के लिए जागरूक करने में जुट गए हैं। सोमवार को नगरायुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेन्द्र कुमार, निर्माण विभाग के सभी इंजीनियर व अन्य कर्मचारी जनता को फीडबैक देने के लिए मनाते नजर आए। उन्होंने नगर निगम सीमा में स्थित ज्यादातर कॉलेज, इंडस्ट्रियल एरिया और मॉल समेत कई स्थानों पर पहुंचकर जनता से फीडबैक देने का आग्रह किया। नगर निगम सीमा के सभी इंजीनियरिंग, बीएड, लॉ कालेज, इंडस्ट्रियल एरिया, मॉल सहित सभी स्थानों पर पहुंचकर वोटिंग करायी गयी।
माधवपुरम में लगे गंदगी के ढेर
नगर निगम अफसर लोगों से अच्छी फीडबैक देने की उम्मीद तो कर रहे हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था को ठीक करने को तैयार नहीं है। गलियों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है और न ही नालियां साफ की जा रही है।
सोमवार को अमर उजाला की टीम ने दिल्ली रोड स्थित माधवपुरम में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। यहां हरित पट्टी पर जहां अवैध कब्जा हो गया वहीं गलियों में कूड़े और गोबर के ढेर लगे हैं। मुख्य मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास से गुजर रहीं दोनों सड़कों पर गंदगी फैली थी। माधवपुरम बिजली घर के पास भी खाली मैदान पर भी गोबर और कचरे के ढेर पर जानवर मंडरा रहे थे। लोगों का अरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी नगर निगम अफसर सुध नहीं ले रहे हैं।