रेलवे रोड स्थित बर्फखाने में रविवार शाम अमोनिया गैस का रिसाव होने के बाद हड़कंप मच गया। इस दौरान रिहायशी इलाके में लोगों की आंखों में जलन होनी और चक्कर आने शुरू हुए तो अफरातफरी मच गई। पुलिस लाइन से एफएसओ संजीव कुमार दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। जब लोगों को चक्कर आने लगे तो लोगों ने हंगामा कर दिया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दमकल विभाग ने अमोनिया गैस के रिसाव पर काबू पाया।
एसओ रेलवे रोड इंद्रपाल सिंह के अनुसार रेलवे रोड पर जेके गुप्ता का द आइस एंड जरनल मिल्स के नाम से काफी पुराना बर्फखाना है। इसके एक हिस्से में बर्फ बनती है तो दूसरी तरफ आलू व फलों का कोल्ड स्टोरेज है। रविवार शाम करीब 6:30 बजे बर्फखाने में उस समय अफरातफरी मच गई जब यहां अमोनिया सप्लाई की मुख्य पाइप लाइन से गैस का रिसाव शुरू हो गया। इस दौरान लोगों की आंखों में जलन शुरू हुई तो भगदड़ मच गई।
वहां मौजूद कर्मचारियों ने पहले रिसाव रोकने की कोशिश की। लेकिन जब गैस पूरे चैंबर में फैली तो कर्मचारी बाहर की तरफ भाग खड़े हुए। कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में गैस फैलनी शुरू हुई तो अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस लाइन से एफएसओ संजीव कुमार सिंह दमकल की दो गाड़ियों के साथ बर्फखाना पहुंच गए। इस दौरान गैस का रिसाव काफी तेज था। एफएसओ औैर दमकल कर्मचारी ऑक्सीजन मास्क पहनकर अंदर घुसे और गैस के मुख्य चेंबर से अमोनिया गैस की सप्लाई बंद की। जांच में पता चला कि चेंबर से पाइपों में होनी वाली सप्लाई का वाल्व लीक हो गया था।
होता रहा रिसाव
वहीं, चेंबर से सप्लाई होने के बाद भी पाइप लाइन से गैस रिसाव होता रहा। सबसे पहले मुख्य चेंबर से हो रही अमोनिया गैस की सप्लाई को रोका गया। इसके बाद करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद गैस रिसाव पर काबू पाया जा सका। लेकिन इसके बाद भी देर रात तक अमोनिया की दुर्गंध क्षेत्र में होने के कारण दहशत की स्थिति बनी रही।
पाइपलाइन के वाल्व से शुरू हुआ रिसाव
एफएसओ के अनुसार अमोनिया पाइप लाइन के एक वाल्व से गैस का रिसाव शुरू हुआ था। यहां 15-20 कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन शाम के समय करीब आधा दर्जन कर्मचारी ही मौजूद थे। वहां मौजूद कर्मचारी ने इस वाल्व को कसने की कोशिश की। कसते वक्त वाल्व टूट गया और तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव होने लगा। गैस इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में एक किलोमीटर दूर तक उसका असर दिखाई दिया। लोग कंट्रोल रूम को सूचना देने लगे। इसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आधी रात तक भी आसपास के लोगों में दहशत देखने को मिली।
चक्कर आने, उल्टी की हुई शिकायत
रिसाव के कुछ मिनट बाद ही गैस पूरे क्षेत्र में असर दिखाने लगी। इस दौरान जो भी गैस की चपेट में आया, उसे उल्टी और चक्कर आने लगे। आंखों में जलन होने के साथ सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत करने लगा। रेलवे रोड निवासी कैलाश ने बताया कि उसके अचानक सिरदर्द होने लगा। पड़ोस की महिला अनीता ने बताया कि वह बाहर से आई तो अचानक आंखों में जलन महसूस हई। जिसके बाद वह अपने मकान को खुला हुआ छोड़कर पड़ोस में गई तो वहां भी लोग घरों से बाहर खड़े थे।
समय रहते पाया काबू
वाल्व कसते समय टूट गया था, जिसके चलते अमोनिया गैस का रिसाव हुआ। दमकल की टीम ने समय से मौके पर पहुंचकर रिसाव पर काबू पा लिया था। किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। -अजय कुमार शर्मा, चीफ फायर ऑफिसर
क्या है अमोनिया
अमोनिया तेज गंध वाली रंगहीन गैस है। इसका वाष्प घनत्व 8.5 है। अमोनिया के जलीय घोल को लिकर अमोनिया कहते हैं, जो क्षारीय प्रकृति है। यूरिया, अमोनियम सल्फेट, आदि रासायनिक खाद को बनाने व बर्फ के कारखाने में शीतलक के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।
यह बोले एक्सपर्ट
सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया ज्यादा मात्रा में अमोनिया सूंघने पर जान जा सकती है। इससे सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। त्वचा का कैंसर भी हो सकता है। हवा में अमोनिया की उच्च सांद्रता का एक्सपोजर नाक, गले और श्वसन पथ के तत्काल जलने का कारण बनता है। अमोनिया समाधान जैसे औद्योगिक क्लीनर के साथ संपर्क त्वचा की जलन, स्थायी आंख क्षति या अंधापन सहित संक्षारक चोट का कारण बन सकता है।