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प्रदेश सरकार पर बरसे लक्ष्मीकांत वाजपेयी

Thu, 15 Oct 2015 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने लोक सेवा आयोग अध्यक्ष डा. अनिल यादव की नियुक्ति निरस्त करने पर सरकार से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार को नैतिकता के नाते इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा का अगला निशाना खनन मंत्री गायत्री प्रजापति हैं।
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बुधवार को अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में डा. वाजपेयी ने डा. अनिल यादव की नियुक्ति हाईकोर्ट से निरस्त होने पर इसे प्रतिभाशाली बेरोजगार नौजवानों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यादव की नियुक्त का भाजपा लंबे अरसे से विरोध कर रही थी। लेकिन सरकार हठधर्मिता पर उतारू थी।

 यूपी देश का ऐसा प्रदेश बन गया है, जहां उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जैसे महत्वपूर्ण अध्यक्षों की नियुक्ति को उच्च न्यायालय ने निरस्त किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने इन महत्वपूर्ण पदों की नियुक्ति में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और मेरिट की अनदेखी की। यही नहीं डा. यादव के खिलाफ तमाम आरोप और मुकदमों को भी नजरअंदाज किया गया।
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वाजपेयी ने डॉ. अनिल यादव के कार्यकाल में हुई सभी नियुक्तियों की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि जब उनकी नियुक्ति ही अवैध है, तो उनके द्वारा किए गए चयन भी अवैध हैं। ऐसे में प्रदेश के प्रतिभाशाली बेरोजगार नौजवानों के साथ छल करने का पाप करने वाली उत्तर प्रदेश सरकार को त्याग पत्र देना चाहिए।

अब गायत्री प्रजापति निशाने पर
वाजपेयी ने खनन घोटाले के आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति की सीबीआई जांच और बर्खास्तगी की मांग को पुन: दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में खनन के नाम पर रोक लगाकर ईंट भट्ठा उद्योग को तो बंद कर दिया गया। लेकिन सरकार को यह नजर नहीं आ रहा कि हमीरपुर से कानपुर तक रोजाना हजारों डंफर कहां से खनन करके लोड होकर आ रहे हैं। यह खनन किसी सरकारी कोष में टैक्स जमा करके नहीं, बल्कि गुंडा टैक्स के जरिये हो रहा है।

आजम के विवि में सिर्फ पढ़ाई : वाजपेयी
आजम खां और संगीत सोम के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप पर वाजपेयी ने कहा कि आजम खां का गोमांस खाने वाला बयान बहुत शर्मनाक और मर्यादा के विपरीत है। मीट प्लांट में सोम का नाम घसीटा जाना पूरी तरह गलत है। वैसे भी जिस समय उस काम के लिए जमीन खरीदी गई थी, तब सोम सपाई थे। भूमि को लेकर आरोप लग रहा है, तो सरकार जांच कराकर संगीत सोम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए।

आजम खां के विश्वविद्यालय में आतंकी गतिविधियां संचालित होने और आतंकियों को शरण देने के संगीत सोम के आरोपों को वाजपेयी ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि आजम के विश्वविद्यालय में ऐसा कुछ नहीं होता है, वहां मुस्लिम बच्चे पढ़ते हैं। वाजपेयी ने दादरी प्रकरण पर स्पष्ट किया कि इसमें राजनीति नहीं, बल्कि निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। संगीत सोम पर उन्होंने स्वीकार किया कि वह पार्टी निर्देश पर नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से वहां गए थे। वाजपेयी ने मंगलवार को वार्ड 31 में मतदान के दौरान हुए बवाल और फर्जीवाड़े की शिकायतों पर कहा कि वह इस संबंध में डीएम-एसएसपी और निर्वाचन आयोग से बात करेंगे।
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