बाद में एंबुलेंस सीएचसी पहुंची पर तब तक लक्ष्मी दम तोड़ चुकी थीं। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और अधिकारियों से भी फोन पर बात कर आक्रोश जताया। लक्ष्मी के दिव्यांग बेटे संदीप ने बताया कि काफी देर तक गुहार लगाने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों ने गंभीरता से इलाज नहीं किया। बाद में परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को दिल्ली ले गए। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी कि किस स्तर पर लापरवाही हुई है। अगर किसी ने लापरवाही की है तो कार्रवाई की जाएगी।
तेजगढ़ी चौकी के पास तड़पता रहा घायल, आधे घंटे बाद मिला इलाज
तेजगढ़ी चौकी से महज 100 मीटर दूर बाइक की टक्कर से घायल कालीचरण करीब आधे घंटे तक तड़पते रहे। आसपास जमा हुई भीड़ ने पुलिस को फोन किया तब घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
खरखौदा क्षेत्र के गांव अलीपुर निवासी कालीचरण पुत्र हरि सिंह रविवार दोपहर में साइकिल पर सवार होकर तेजगढ़ी की ओर आ रहे थे। जब वह डी-ब्लॉक पुल से आगे पहुंचे तो एक बाइक सवार ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कालीचरण के सिर में चोट लगी और वह बेहोश हो गए। वहीं चौकी इंचार्ज अमित मलिक ने बताया कि कालीचरण खतरे से बाहर हैं।