14 फरवरी तक काम नहीं करेंगे वकील
मेरठ। दीवानी न्यायालय परिसर में बाउंड्री वॉल बनाने के हाईकोर्ट के आदेश को लेकर मंगलवार को मेरठ और जिला बार एसोसिएशन की संयुक्त आम सभा आयोजित की गई। जिसमें प्रस्ताव पास किया गया कि 14 फरवरी को इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक होगी। तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
कचहरी स्थित पं. नानक चंद सभागार में आयोजित आम सभा में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कचहरी परिसर को सुरक्षित करने हेतु हाईकोर्ट के आदेश पर दीवानी न्यायालय में बाउंड्री वॉल बनाया जाना प्रस्तावित है। यदि दीवानी न्यायालय परिसर में बाउंड्री वॉल बना दी जाती है तो यह हिस्सा कलक्ट्रेट परिसर से अलग हो जाएगा, जबकि करीब डेढ़ हजार अधिवक्ताओं के कलक्ट्रेट परिसर में चेंबर हैं, जो दीवानी न्यायालय में विधि व्यवसाय करते हैं। इसी प्रकार दीवानी न्यायालय परिसर के बैठने वाले अधिवक्ता कलक्ट्रेट परिसर स्थित कोर्ट में कार्य करते हैं। दीवार बनने से इन अधिवक्ताओं को बहुत परेशानी होगी।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गयी कि भविष्य में हाईकोर्ट के आदेशानुसार केवल एक ही गेट से अधिवक्ता व वादकारी आदि का प्रवेश कचहरी परिसर में उनको जारी पहचान पत्र व पास देखकर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में कलक्ट्रेट परिसर के वकीलों को दीवानी न्यायालय परिसर में आने के लिए काफी दूर घूमकर आना पड़ेगा। इसको लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव किया गया कि केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक इस विषय में 14 फरवरी को मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित की जाएगी। जिसमें चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। सभी वकीलों का सर्वसम्मति से 14 फरवरी तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगेराम व रविन्द्र सिंह व संचालन महामंत्री नरेश दत्त शर्मा व आनंद कश्यप ने किया। बैठक में बार के पूर्व अध्यक्ष डीडी शर्मा, गजेंद्रपाल सिंह, जीएस धामा, पूर्व महामंत्री संजय शर्मा, प्रबोध शर्मा, देवकी नंदन शर्मा, अजय गुप्ता, महावीर सिंह त्यागी, योगेंद्र शर्मा सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।