हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर न्यायिक कार्य से विरत रहे, टाइपिस्ट संघ ने भी दिया साथ
राज्यपाल के नाम एसडीएम को दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापना की 50 वर्षों पुरानी मांग को लेकर अधिवक्ताओं और टाइपिस्ट संघों ने विरोध-प्रदर्शन किया। वह न्यायिक कार्य से विरत रहे और रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी की। उन्होंने उपजिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया।
हाई कोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर केन्द्रीय संघर्ष समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शनिवार सुबह 10 बजे बार एसोसिएशन मवाना, सिविल बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ और टाइपिस्ट संघ की संयुक्त बैठक सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता श्रीबल्लभ एडवोकेट, राजेंद्र तोमर एडवोकेट, सुनील दीक्षित और कमल रस्तौगी ने संयुक्त रूप से की। संचालन सचिव महिपाल सिंह एडवोकेट और नटवर राणा एडवोकेट ने किया।
बैठक में विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से तय हुआ कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में 50 वर्षों से प्रत्येक शनिवार को चल रही हड़ताल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसी निर्णय के तहत प्रदर्शन किया गया और रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी की। विरोध स्वरूप सभी अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और टाइपिस्टों ने अपने-अपने चैंबर बंद रखकर रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में इस संबंध में राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में मौ. असलम, शमशुद्दीन अंसारी, रघुवंश बंसला, बैरिस्टर कुमार, विरेंद्र राणा, समीर त्यागी, राजन शर्मा, शहजाद अहमद, मौ.जावेद आदि रहे।