फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ पहुंचीं लेडी सिंघम, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की कानून व्यवस्था का जिम्मा भी नए अफसरों के हवाले

Thu, 06 Jul 2017 09:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
आईपीएस मंजिल सैनी
विज्ञापन
कावड़ यात्रा शुरू होते ही सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। बता दें कि अब मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की कानून व्यवस्था ये नए अफसर संभालेंगे।
विज्ञापन



सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। कानून व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में आ रही सरकार ने एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा को हटा कर मेरठ के एडीजी जोन आनंद कुमार को सूबे का नया एडीजी कानून व्यवस्था बनाया गया है। वहीं प्रशांत कुमार को मेरठ जोन का एडीजी बनाया गया है। 

मंजिल सैनी मेरठ की एसएसपी बनीं
नई लिस्ट में पुरानी सरकार में जिलों में तैनात रहे अफसरों पर ही भरोसा किया गया है। लखनऊ की एसएसपी रहीं मंजिल सैनी को मेरठ का एसएसपी बनाया गया है। 

मेरठ के नए एडीजी और एसएसपी के लिए बढ़ती सांप्रदायिक घटनाएं, क्राइम कंट्रोल के अलावा कांवड़ यात्रा बड़ी चुनौती होगी। वेस्ट यूपी के कई जिलों में हाल ही में कई बड़ी घटनाएं हुई है। तीन महीने पहले सहारनपुर में हिंसा ने पूरे प्रदेश को हिलाया। जिस तरह पब्लिक ने पुलिस को निशाना बनाया उससे पुलिस के गिरते मनोबल को उठाना भी एडीजी के लिए बड़ी चुनौती होगी। वहीं मंजिल सैनी को मेरठ एसएसपी तैनात किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो महीने ही रहे एडीजी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
वैसे भी मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिले सांप्रदायिक लिहाज से बेहद संवेदनशील है। आने वाले दिनों में कांवड़ यात्रा भी शुरू होने वाली है। मेरठ, मुजफ्फरनगर में लाखों कांवड़िये गुजरते हैं। दोनों शहरों की संवेदनशीलता को देख यह यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपंन कराना दोनों अफसरों के लिए बड़ी चुनौती होगा। 

एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने पिछले साल मई में मेरठ का चार्ज संभाला था। गौड़ को सपा सरकार ने मेरठ भेजा था, ऐसे में भाजपा के सत्ता में आने पर गौड़ के तबादले के कयास लगाए जाने लगे थे लेकिन गौड़ ने अपने कार्यकाल में किसी पार्टी विशेष के नेता को खास तवज्जो नहीं दी, यही वजह थी कि वह सत्ता बदलने के बाद भी मेरठ के कप्तान की कुर्सी पर बने रहे। 

सरकार ने दो महीने पहले ही मेरठ में एडीजी लेवल के अफसर की तैनाती की थी। आंनद कुमार को पहला एडीजी बनाया गया था, लेकिन वह दो महीने ही यहां रह सके। हालांकि उन्हें सूबे की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशांत कुमार के रूप में नया एडीजी मिला है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें