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सीसीएसयू में अंतिम वर्ष के 1.60 लाख छात्रों की होगी परीक्षा

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मेरठ। प्रदेश सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को सभी विश्वविद्यालयों-कॉलेजों को परीक्षा की गाइड लाइन जारी किए जाने के बाद चौधरी चरण चरण सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन 15 अगस्त के बाद से परीक्षा कार्यक्रम बनाने की तैयारी में जुट गया है। बिना ब्रेक के रविवार को भी परीक्षाएं कराई जाएंगी तो पूरे 28 दिन लग जाएंगे। ऐसे में सीसीएसयू में यूजी-पीजी में वार्षिक और सेमेस्टर फाइनल में एक लाख 60 हजार छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं होंगी। बाकी कोर्स के तीन लाख 90 हजार के करीब छात्रों को बिना परीक्षा के ही प्रोन्नत किया जाएगा। 23 जुलाई तक विवि प्रोन्नति के फॉर्मूले के साथ परीक्षा की पूरी कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजेगा।
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सीसीएसयू में वार्षिक और सेमेस्टर कोर्सों में पांच लाख 50 हजार के करीब छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। इनमें बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर और बीए-बीकॉम एवं एमए-एमकॉम प्राइवेट विषयों में वार्षिक परीक्षाएं होती हैं। ये परीक्षा 22 फरवरी से शुरू हुई थीं। इनमें 3 लाख 70 हजार के करीब छात्र-छात्राएं शामिल रहे। 30 फीसदी परीक्षाएं होने के बाद लॉकडाउन लग गया। जिस कारण 18 मार्च से आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित हो गई थीं। इसके बाद सेमेस्टर कोर्स की परीक्षाएं होनी थीं। इनमें एमए-एमएससी-एमकॉम रेग्युलर, एलएलबी, एलएलएम, बीए-एलएलबी, बीबीए, बीसीए, एमबीए-एमसीए समेत 45 कोर्सों एवं बीएड की परीक्षाएं जून में शुरू हो जानी थी। इन कोर्सों में बीएड को छोड़ दें तो बाकी छात्रों की संख्या 45 हजार के करीब है।
1.60 छात्र-छात्राएं हैं फाइनल में
अब विवि को जो परीक्षाएं करानी हैं उनमें वार्षिक और सेमेस्टर कोर्सों के एक लाख 60 हजार के करीब छात्र-छात्राएं शामिल हैं। कोर्सवार बात करें तो वार्षिक प्रणाली में बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर-प्राइवेट में फाइनल ईयर में 83 हजार के करीब छात्र-छात्राएं हैं। इसके अतिरिक्त एमए-एमकॉम फाइनल प्राइवेट में 26 हजार छात्र-छात्राएं हैं। सेमेस्टर में कोर्सवार बात करें तो एमए-एमकॉम-एमएससी रेग्युलर, एलएलबी फाइनल, एलएलएम फाइनल, बीए-एलएलबी फाइनल, बीएससी-एमएससी एजी फाइनल आदि कोर्सों में 37 हजार छात्र-छात्राएं हैं। इसके अतिरिक्त सात से आठ हजार छात्र चार वर्षीय सेमेस्टर कोर्स में हैं।
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बिना ब्रेक 28 दिन से पहले खत्म नहीं होंगी परीक्षाएं
बीए, बीएससी एवं बीकॉम फाइनल में ऑब्जेक्टिव परीक्षा होती है। यह दो घंटे की होती है। इसमें सौ के बजाय 75 सवाल पूछे जाएंगे। यह परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी। सेमेस्टर कोर्स की परीक्षा तीन घंटे बजाय घंटे की होगी। परीक्षा तीन पालियों में कराई जाएगी। जितने पेपर बचे हैं उस हिसाब से तीन पालियों में परीक्षा यदि रविवार को भी बिना ब्रेक कराई जाती हैं तो 28 दिन से पहले खत्म नहीं होंगी। फिलहाल विवि ने 17 अगस्त से परीक्षाएं कराने का डमी कार्यक्रम बनाया हुआ है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार का कहना है कि 23 जुलाई तक परीक्षा की सही तिथि तय कर ली जाएगी।
साढ़े सात लाख कॉपियों का हो चुका मूल्यांकन, जुड़ेंगे नंबर
18 मार्च से पहले तक कॉलेजों में 30 फीसदी परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं। इनमें यूजी-पीजी में साढ़े सात लाख कॉपियों का मूल्यांकन पूरा होने वाला है। 80 हजार के करीब ओएमआर हैं। इनके मूल्यांकन में समय नहीं लगेगा। ऐसे में इन सभी परीक्षाओं के नंबर जोड़े जाएंगे। जो परीक्षाएं नहीं हुई हैं सिर्फ उनमें ही औसत अंक दिए जाएं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो छात्र-छात्राएं इन परीक्षाओं में फेल हो जाएंगे, वह फेल ही माने जाएंगे। क्योंकि ये परीक्षाएं कोरोना महामारी से पहले हो चुकी थीं।
इनकी नहीं होंगी परीक्षाएं, होंगे प्रोन्नत
वार्षिक प्रणाली
यूजी बीए-बीएससी-बीकॉम प्रथम वर्ष छात्र-छात्राएं -1,45000
यूजी बीए-बीएससी-बीकॉम द्वितीय वर्ष में छात्र-छात्राएं -92,000
एमए-एमकॉम प्रथम वर्ष प्राइवेट में -30500
योग -267500
सेमेस्टर प्रणाली
यूजी द्वितीय सेमेस्टर में छात्र-छात्राएं- 46 हजार
यूजी चतुर्थ में -33 हजार
पीजी द्वितीय सेमेस्टर में छात्र-छात्राएं-12500
योग- 91,500
इनकी होंगी परीक्षाएं
वार्षिक प्रणाली
बीए फाइनल - 56700
बीकॉम फाइनल - 18073
बीएससी फाइनल - 7560
एमए - 18730
एमकॉम - 6728
योग - 107791
सेमेस्टर प्रणाली
यूजी छठे सेमेस्टर में - 26000
पीजी फाइनल सेमेस्टर में- 10300
अन्य चार वर्षीय सेमेस्टर कोर्स में - सात हजार के करीब
बीएड-मेडिकल कोर्स नहीं हैं शामिल
इनमें कोर्स में बीएड और मेडिकल कोर्स की परीक्षाएं शामिल नहीं हैं। बीएड के दोनों वर्षों में 90 हजार के करीब छात्र-छात्राएं हैं। इन पर फैसला एमसीआई और एनसीईटी की गाइड लाइन के बाद लिया जाएगा।
छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं सेंटर बढ़ाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए कराई जाएंगी। जिन छात्रों की परीक्षाएं नहीं होंगी उनको प्रोन्नत करने का फॉर्मूला तैयार करने के लिए कहा है।-प्रो. एनके तनेजा, कुलपति सीसीएसयू
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