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मकान मालिक-किराएदार के अधिकार होंगे सुरक्षित

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मकान मालिक-किराएदार के अधिकार होंगे सुरक्षित
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मेरठ। शहर में अक्तूबर के अंत तक आदर्श किराएदारी अधिनियम 2020 लागू होने की संभावना है। ऐसे में मकान मालिक और किराएदार के बीच लिखित अनुबंध अनिवार्य होगा। इससे दोनों के अधिकार सुरक्षित हो सकेंगे। अनुबंध में किराए के साथ हर छोटी बड़ी जिम्मेदारी तय की जाएगी। जैसे कि मकान में नल, ट्यूबलाइट, स्विच खराब होने पर कौन ठीक कराएगा। कौन मकान की पुताई कराएगा। जिला बार मेरठ के महामंत्री आनंद कश्यप ने इस बात की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि अधिनियम आने के बाद किराएदार और मकान मालिक के बीच विवाद का समाधान जिला प्रशासन और थाना स्तर पर संभव हो सकेगा। केंद्र द्वारा कानून बनाए जाने के बाद प्रदेश सरकार अपने हिसाब से उसमें फेरबदल कर पाएंगी। इसके तहत 11 माह का अनुबंध होने के बाद मकान मालिक किराएदार को तय अवधि से पहले नहीं निकाल पाएगा।
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सिर्फ किराए पर देना होगा टैक्स
चार्टर्ड एकाउंटेंट केपी सिंह ने बताया कि नए नियम आने के बाद बिना डर के लोग मकान किराए पर दे सकेंगे। किराए की रकम पर टैक्स का भुगतान भी करना होगा। मकान मालिक को घर की पुरानी चीजों को बदलवाने के लिए 24 घंटे पहले किराएदार को अवगत कराना होगा।
किराया न देने पर खाली करना होगा मकान
सिविल अधिवक्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि किराया न देने, संपत्ति का दुरुपयोग करने, संपत्ति में शिकमी किराएदार को स्थापित करने की सूरत में अनुबंध अवधि से पूर्व मकान खाली कराया जा सकेगा। पगड़ी के रूप में ली गई राशि को संपत्ति खाली करने के एक माह के भीतर मकान मालिक को लौटानी होगी।
आईटीआर भरना होगा अनिवार्य
आयकर अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने बताया कि मकान मालिक को आयकर रिटर्न भरना होगा। साथ ही किराए की आय को दिखाना जरूरी होगा। किराएदार का वार्षिक बिजली बिल अगर एक लाख से अधिक आता है तो आयकर विभाग इसकी जांच करेगा। संपत्ति किराए पर है या नहीं इसका पता लग जाएगा।
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फिर चमकेगा प्रॉपर्टी बाजार
बिल्डर संजीव जिंदल ने बताया कि आदर्श किराएदारी अधिनियम आने के बाद लोग संपत्ति खरीदने में रुचि दिखाएंगे। बिल्डर गणेश अग्रवाल ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में लोग संपत्ति किराए पर देने के उद्देश्य से ही खरीदते हैं। नौकरी के चलते लोगों के ट्रांसफर होते रहते हैं। ऐसे में वह संपत्ति को किराए पर देकर चले जाते हैं।
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