मुंडाली। भूमाफिया ने मिलकर फर्जी बैनामा कराकर धर्मशाला को बेच दिया तथा एनएचएआई द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन का पैसा भी बैंक में फर्जी तरीके से खाता खोलकर आपस में बांट लिया। ग्रामीणों की शिकायत पर भूमाफिया के खिलाफ मुंडाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गांव भगवानपुर चट्टावन निवासी एवं पूर्व प्रधान अनिल तोमर ने मुंडाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि मेरठ-गढ़ मार्ग पर भगवानपुर चट्टावन अड्डे के पास खसरा नंबर 209 है। इस जमीन पर गोपीचंद निवासी जत्तीवाड़ा थाना कोतवाली मेरठ ने करीब 90 वर्ष पूर्व प्राचीन शिव मंदिर, धर्मशाला व कुएं का निर्माण कराया था। इस जमीन पर आम आदि के पेड़ भी हैं। 90 वर्षों से मंदिर व धर्मशाला, पेड़ों का रखरखाव ग्रामीण ही कर रहे हैं। गोपीचंद की काफी समय पहले मृत्यु हो गई। इसके उपरांत मंदिर, धर्मशाला, पेड़ आदि देखने उसके परिवार से कोई व्यक्ति नहीं आया। भूमाफिया ने फर्जी तरीके से गोपीचंद नाम का व्यक्ति खड़ा कर खसरा नंबर 209 का बैनामा सतीश पुत्र ओमवीर निवासी मउखास थाना मुंडाली, योगेंद्र कौशिक पुत्र श्रीनिवास कौशिक निवासी नूरनगर थाना ब्रह्मपुरी मेरठ ने करा लिया। बैनामे में अतुल शर्मा, निवासी मोहल्ला जाटान व अशोक कौशिक निवासी नूरनगर गवाह बने हैं।
खसरा नंबर 209 में से कुछ जमीन एनएचएआई ने अधिग्रहीत की थी। उसका मुआवजा भी फर्जी तरीके से खाता खोलकर बांट लिया। आधार कार्ड, पैन कार्ड, सभी फर्जी कागजात लगाए गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में मामला फर्जी पाए जाने पर सतीश, योगेंद्र कौशिक, अतुल शर्मा, अशोक, बाबू के खिलाफ मुंडाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।