फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जमीन का होगा अधिग्रहण, ध्वस्त होंगे निर्माण

Sun, 03 Feb 2019 07:18 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर वाहन जल्द फर्राटा भरते नजर आएंगे। लोकसभा चुनाव से पहले ही सरकार की इस एक्सप्रेस-वे को शुरू करने की तैयारी है। एक्सप्रेस-वे के बीच में गलती से छूट गए खसरा नंबरों का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

विज्ञापन


इसके लिए तीन गांवों के किसानों की 5590 वर्ग मीटर जमीन के अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई। एनएचएआई ने पैसा एडीएम (एलए) कार्यालय भेज दिया है। अधिग्रहण के बाद इस एलाइनमेंट पर काम चालू हो जाएगा। साथ ही इस रास्ते में पड़ने वाले निर्माण आदि हटाए जाएंगे। एक्सप्रेस-वे के काम में बीच-बीच में अड़चनें आ रही हैं। खासतौर पर डासना से परतापुर तक के अंतिम चरण में कार्य मई तक निपटाने के लिए कहा गया है। एनएचएआई ने इसमें पूरी ताकत लगा दी है।

अधिग्रहण न होने से अटका था कार्य
कार्य करने के समय पता चला कि जमीन के कई खसरा नंबरों का अधिग्रहण किया गया था। वह वहां से दूर थे और जहां से एक्सप्रेस-वे गुजारा गया वहां के खसरा नंबर छूट गए। ऐसे में किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। साफ कहा कि जब तक उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाता और मुआवजा नहीं दिया जाता, एक्सप्रेस-वे का निर्माण नहीं होने देंगे। खासतौर से काशी, बराल परतापुर और अच्छरौंडा के किसानों ने विरोध कर बीच में ही काम बंद करा दिया था।
विज्ञापन


अधिसूचना में यह खास
गांव अच्छरौंडा और बराल परतापुर के तीन-तीन खसरा नंबरों का अधिग्रहण और गांव कांशी के एक खसरा नंबर से जमीन ली जाएगी। मेरठ में एक्सप्रेस-वे के 53 किलोमीटर से 64 किलोमीटर तक और दिल्ली में से एनएच-58 तक कनेक्टिंग लिंक के लिए खासतौर पर इस जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।

68 निर्माण होंगे ध्वस्त, 738 पेड़ कटेंगे
एक्सप्रेस-वे की जद में आ रहे 68 निर्माण ध्वस्त होंगे तो 738 पेड़ काटे जाएंगे। एनएचएआई ने पूरा आकलन कर मुआवजे के साथ रिपोर्ट एडीएम (एलए) को भेज दी है। जल्द ही ध्वस्तीकरण शुरू किया जाएगा। मेरठ से लेकर डासना तक विभिन्न निर्माण एक्सप्रेस-वे के बीच में आ रहे हैं। परतापुर में बन रहे इंटरचेंज के आसपास होटल, ढाबे, पेट्रोल-पंप सभी का ध्वस्तीकरण होना है। एनएचएआई ने रिपोर्ट एडीएम (एलए) को भेज दी है। गांव अच्छरौंडा के पास एक पूरा बाग ही एक्सप्रेस-वे के सामने है। पहले एनएचएआई ने पेड़ों को जड़ समेत शिफ्ट करने का प्लान बनाया। लेकिन काम नहीं हो पाया। एनएचएआई का कहना है कि इसके लिए आठ करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस और डीएम को पत्र भेजा गया है। किसानों के विरोध करने पर पुलिस-प्रशासन की मदद ली जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें