दीपकों की रोशनी से जगमगा उठा मखदूमपुर गंगा घाट
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। एक वर्ष के इंतजार के बाद मंगलवार की शाम कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर सूर्यास्त के समय श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर अपने पितरों की मोक्ष की कामना के लिए दीपदान किया। इस दौरान मखदूमपुर गंगा घाट जगमगा उठा। अपनों की याद में लोगों की आंखों से आंसू छलक आए। गंगा किनारे इस भावुक दृश्य से माहौल गमगीन हो गया।
मंगलवार की शाम सूर्यास्त होते ही मखदूमपुर में हजारों श्रद्धालु दीपदान के लिए घाट पर पहुंच गए और नम आंखों से दीपदान का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। सगे संबंधियों और परिजनों से बिछड़े लोगों को याद कर लोगों की आंखें भर आईं। दीपदान के बाद पुरोहितों को वस्त्र, अन्न और दक्षिणा आदि दान दिया गया। कार्तिक पूर्णिमा मेले का सबसे अहम पर्व दीपदान मंगलवार को श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
मेरठ के साथ ही दिल्ली, गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर समेत अन्य प्रदेशों व आसपास के जनपदों के श्रद्धालु मेले में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने गत एक वर्ष में दिवंगत हुए अपने परिजनों और सगे संबंधियों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की मन्नत मांगते हुए गंगा में दीपदान किया। देर शाम पांच बजे के बाद गंगा के मुख्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्र हो गई। लाखों लोगों ने हर-हर गंगे के जयकारों के बीच दीपदान किया। पटेरा और घास से तैयार किए गए आसनों पर जलते हुए दीपक रखकर गंगा की जलधारा में प्रवाहित कर किए गए।
दीयों की रोशनी से जगमग हुए घाट
कार्तिक माह का सबसे महत्वपूर्ण पर्व दीपदान मंगलवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। गंगा के तटों पर पहुंचे लाखों लोगों ने हजारों साल से चली आ रही परंपरा का निर्वह्न करते हुए अपने परिजनों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान किया। श्रद्धालुओं द्वारा गंगा में छोड़े गए दीयों की रोशनी से गंगा तट जगमग हो उठे।
स्नान और मोबाइल से किया समय व्यतीत
मखदूमपुर में गंगा घाट पर डुबकी लगाने परिवारों सहित आए लोगों के पास मनोरंजन के साधन के लिए डीजे और मोबाइल के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। गंगा की रेती में डीजे की धुन पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के कदम थिरकते नजर आए। ग्रामीण किसानों के इस मेले में ग्रामीण अंचलों के लोग मोबाइल पर रागनी, रसिया, भजन आदि सुनकर समय व्यतीत कर रहे हैं। वहीं नई पीढ़ी फिल्मी एवं पंजाबी गानों को पसंद कर रही है। महिलाएं स्नान, खाना बनाने के बाद गप्पे लड़ाने में मशगूल रही। इसी से उनका पांच दिनों का समय आसानी से व्यतीत हुआ।
श्रद्धालुओं की व्यवस्था में जुटे रहे अधिकारी
गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और उन्हें गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए लगातार निर्देश देते रहे परंतु श्रद्धालु अधिकारियों के निर्देशों को अनसुना करते रहे। एसडीएम संतोष कुमार सहित मेला प्रभारी विष्णु कौशिक, राम प्रकाश शर्मा ने कर्मचारियों को गंगा में लगाई गई बैरिकेडिंग समेत अन्य सुविधाओं पर लगातार नजर बनाई रखी।
डीएम एसएसपी ने किया मेले का निरीक्षण
मंगलवार को मखदूमपुर मिला अपने चरम पर रहा। श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए डीएम डाॅ. वीके सिंह, एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा, एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी सहित दर्जनों अधिकारियों ने मेला स्थल पर पहुंचकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम ने पंचायती राज विभाग को मेला स्थल पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। मेला स्थल पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने मेला स्थल पर लगे तंबुओं में पहुंचकर श्रद्धालुओं से बातचीत की और सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया।
मखदुमपुर घाट पर गंगा आरती करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
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