गंगानगर आई ब्लॉक में मायके में रह रही महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है, वहीं सरधना थाने के एक दरोगा पर महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
गंगानगर आई ब्लॉक निवासी शांति स्वरूप कौशिक इंचौली स्थित पशु अस्पताल में कर्मचारी हैं। उनकी पुत्री सीमा कौशिक (27) का विवाह छह साल पहले सरधना के गांव कपसाढ़ निवासी संजीव से हुआ था। दोनों से एक बेटी मानवी है। परिजनों के अनुसार ससुराल में विवाद के चलते सीमा शादी के बाद से ही मायके में ही रह ही थी। आरोप है कि कोर्ट में चल रहे भरण पोषण के मुकदमे में पति के खिलाफ कई बार वारंट आने के बावजूद पुलिस साठगांठ के चलते गिरफ्तारी नहीं कर रही थी।
इस संबंध में सीमा एसएसपी से मिली थी तो एसएसपी ने सरधना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले कोर्ट में तारीख पर पति ने सीमा को धमकाते हुए भरण-पोषण का खर्च देने से मना कर दिया था। वहीं सरधना थाने के एक दरोगा ने भी सीमा से कह दिया था कि मेरे पास वारंट नहीं है और जो तुझे करना है कर ले। कार्रवाई न होने से सीमा गुमसुम रहने लगी थी। शनिवार सुबह सीमा घर पर अकेली थी तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची गंगानगर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने सूरजकुंड पर महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। एसएसआई ओमवीर गुप्ता के अनुसार पिता शांति स्वरूप कौशिक की तहरीर पर पति संजीव, सास-ससुर और दो देवरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने संबंधी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
‘मम्मी कहां हैं’
घटना के समय सीमा की पांच साल की बेटी मानवी पड़ोस में गई हुई थी। करीब आधा घंटे बाद मां घर लौटी तो सीमा को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। इस दौरान मानवी भी घर पहुंच गई। रोते-बिलखते परिजनों को देखकर पूछने लगी कि मम्मी कहां हैं।