शहर से निर्यात के लिए कंटेनर की कमी, आईआईए और चैंबर ने सरकार के समक्ष उठाया मुद्दा
मेरठ। देश में अनलॉक के बाद से कंटेनर की कमी निर्यात को प्रभावित कर रही है। कंटेनरों की उपलब्धता की कमी के चलते आर्डर में देरी हो रही है। आईआईए और चैंबर ने इस मुद्दे को रेलवे, नौवहन मंत्रालय और संबंधित विभागों के सामने उठाया है। साथ ही प्रदेश सरकार से शहर में पूर्व की भांति कंटेनर डिपो चालू करने की मांग की है। अनलॉक के बाद यूरोप और अमेरिका में भारतीय प्रोडक्ट की मांग खासी बढ़ गई है। शहर से निर्यात में 40 फीसदी इजाफा हुआ है।
शहर से स्पोर्ट्स, कारपेट और मशीनरी आदि का एक्सपोर्ट किया जाता है। प्रतिमाह करीब 100 कंटेनर में यूरोप, अमेरिका आदि देशों में अनलॉक के बाद माल भेजा जा रहा है। जिला मेरठ पेपर, प्लास्टिक, इलेक्ट्रिक मशीनरी, चिकित्सा उपकरण आदि विभिन्न वस्तुओं का आयात करता है और प्रतिमाह स्पोर्ट्स गुड्स, कारपेट और विभिन्न मशीनरी आदि का निर्यात करता है। बुची स्पोर्ट्स के संचालक चरणप्रीत भाटिया ने बताया शहर के व्यापारी निर्यात के लिए दिल्ली तुगलकाबाद और दादरी से कंटेनर मंगवाते हैं। अनलॉक के बाद एकाएक कंटेनर की कमी हो गई है। जिसके चलते डिस्पैच 10 से 15 दिन तक के लिए पेंडिंग हो रहे हैं। आईआईए सेंट्रल कमेटी चेयरमैन फॉर इंटरनेशनल ट्रेड सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि अनलॉक के बाद निर्यात में इजाफा हुआ है। ऐसे में संबंधित विभाग को पत्र और अन्य माध्यमों से समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया है। वेस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता ने बताया कि अनलॉक के बाद शहर से 40 प्रतिशत के आसपास निर्यात बढ़ा है। चीन के साथ विभिन्न देशों के रिश्तों में खटास के बाद विदेशों में भारतीय उत्पाद पसंद किए जा रहे हैं। यहां कंटेनर डिपो की मांग उठाई जाएगी।