पुलिस कस्टडी में मजदूर की हालत बिगड़ी, अस्पताल में मौत
मेरठ। दौराला थाने में पुलिस कस्टडी में बुधवार रात मटौर गांव निवासी प्रदीप कुमार (50) की हालत बिगड़ गई। पुलिस और परिजनों ने प्रदीप को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया और सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके बेटे रितिक का कहना है कि पिता उच्च रक्तचाप की बीमारी से पीड़ित थे। पुलिस के उत्पीड़न से ब्रेन हेमरेज होने पर मौत हुई। बाद में परिवार ने बिना पोस्टमार्टम ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
मटौर गांव निवासी प्रदीप कुमार, दयानंद, सोनू, सेवक, पवन समेत छह लोगों को पुलिस रविवार शाम पकड़कर थाने लाई थी। आरोप है कि यह लोग गांव में जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने इन लोगों को हवालात में बंद कर दिया। इसी दौरान प्रदीप की हालत बिगड़ गई। जानकारी लगते ही प्रदीप के बेटे रितिक और परिवार के अन्य लोग पहुंचे। आनन-फानन में प्रदीप को बुधवार रात निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बुधवार सुबह प्रदीप की मौत हो गई। रितिक ने बताया कि जब वह थाने पहुंचे थे तो पिता बेहोश थे। पुलिस उनके पिता को जबरन उठाकर ले गई थी। उसने पिता के बीमार होने के बारे में बताया भी था। हालांकि बाद में पीड़ित परिवार ने कहा कि बीमारी के कारण ही मौत हुई।
वहीं, एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बृहस्पतिवार शाम को प्रेस बयान जारी कर बताया कि प्रदीप थाने ही नहीं आया। गांव के पांच लोग जुआ खेलते पकड़े गए थे। इसी दौरान गांव के एक युवक ने अफवाह फैला कि प्रदीप की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई, यह गलत है। पुलिस ने प्रदीप के परिजनों की वीडियोग्राफी भी की है। इसमें पीड़ित परिवार ने बीमारी से मौत होना बताया है।