जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर हुए संघर्षपूर्ण उपचुनाव में भाजपा के कुलविंदर सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। कुलविंदर सिंह को 17 और उनकी प्रतिद्वंद्वी सपना हुड्डा को 16 वोट मिले। कई दिन से चल रहे भाजपा बनाम भाजपा के हाईप्रोफाइल ड्रामे में भाजपा संगठन ने सीट पर कब्जा किया है। हालांकि एक सदस्य द्वारा मतपत्र पर अपनी पहचान उजागर कर देने के कारण उसका मत निरस्त कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव में भाजपा संगठन की तरफ से कुलविंदर सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था। जबकि सरधना विधायक ठा. संगीत सोम का समर्थन सपना हुड्डा के साथ था। पिछले एक सप्ताह से चल रही गहमागहमी, दबाव और तनाव की राजनीति में मंगलवार को जब मतदान हुआ तो मामला पूरी तरह बराबर का नजर आ रहा था। सपना हुड्डा ने कलक्ट्रेट के बचत भवन में आकर सबसे पहले मतदान किया। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा संगठन के कुलविंदर सिंह और जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला एक साथ पहुंचे और मतदान किया।
मुझे प्रशासन ने साजिश से हराया: सपना हुड्डा
जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव की प्रत्याशी सपना हुड्डा ने प्रशासन पर साजिश के तहत हराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान जहां वोटरों को इशारे किए जा रहे थे, तो मतगणना में भी उनकी वोट निरस्त करके जबरन हराया गया। चुनाव परिणाम आते ही सपना हुड्डा ने बचत भवन के गेट पर आकर प्रशासन पर साजिश के तहत हराने का आरोप लगाया। सपना हुड्डा ने कहा कि मतदान के दौरान जो कर्मचारी तैनात किया गया था, वह आने वाले सदस्यों को इशारा कर मतदान प्रभावित कर रहा था। सपना हुड्डा ने कहा कि मतगणना में भी दोनों को 17-17 वोट मिले थे। लेकिन उनका वोट निरस्त करके एक वोट से कुलविंदर को विजयी घोषित कर दिया गया। वहीं, इस मामले में मतगणना में शामिल अधिकारियोें का कहना है कि निरस्त वोट भी कुलविंदर पक्ष का था। लेकिन सदस्य ने मतपत्र पर अपनी पहचान अंकित की थी, इसलिए वह निरस्त किया गया। यदि यह मत निरस्त न होता तो कुलविंदर सिंह दो मतों से विजयी होते।
भाजपा खेमे में हवाईयों के बाद भरा जीत का जोश
हार के बाद कैमरे के सामने सपना हुड्डा
जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक उतार-चढ़ाव का दौर चलता रहा। दोपहर 12 बजे तक भाजपाई खेमा ही हावी रहा। लेकिन सपना हुड्डा के पक्ष में 16 जिला पंचायत सदस्यों को लेकर दर्जनों गाड़ियों का काफिला भीड़ के साथ पहुंचते ही भाजपाई खेमे में हवाईयां उड़ गईं। हालांकि जब दोपहर करीब 1:30 बजे अतुल प्रधान अपने साथ पत्नी सहित चार वोट लेकर पहुुंचे तो भाजपाई खेमे में जोश भर गया।
अध्यक्ष पद के दोनों ही प्रत्याशी अपने वोटों के गणित में उलझे नजर आ रहे थे। मतदान शुरू होने के बाद भाजपाई खेमे से टुकड़ियों में सदस्यों को वोट डालने भेजा गया। सबसे पहले कुलविंदर सहित दो सदस्य पहुंचे तो इसके बाद चार और फिर तीन सदस्यों और उसके बाद तीन सदस्यों ने मतदान किया। दोपहर तक भाजपाई खेमे से मात्र ही वोट पड़े थे, जबकि सपना हुड्डा पक्ष से मात्र एक वोट पड़ा था। लेकिन अचानक सपना हुड्डा गुट से 16 सदस्यों का एक साथ काफिला कमिश्नरी पार्क पहुंचा। पुलिस सुरक्षा में आए इस विशाल काफिले को देख भाजपाई खेमा सन्न रह गया। जब इस काफिले से एक-एक कर 16 सदस्य बाहर आये तो भाजपाई खेमे में हलचल मच गयी।
ये सदस्य एक साथ कलक्ट्रेट में मतदान करने पहुंचे। इन सदस्यों के मतदान करने के बाद आंकड़ा 17-12 का नजर आ रहा था। लेकिन भाजपाई खेमे से चर्चा थी कि इन 16 सदस्यों में से एक वोट उनके खेमे की है जो क्रॉस होगी। ऐसे में आंकड़ा 16-13 बना था। जैसे ही अतुल प्रधान आए तो भाजपाई खेमा चहक गया और आंकड़ा 16-17 जा पहुंचा। इसके बाद भाजपा ने अंतिम वोट के रुप में विनोद लालपुर को भी कलक्ट्रेट लाकर अपनी जीत की पटकथा लिख दी।
ये सदस्य पहुंचे एक साथ
सपना हुड्डा के समर्थन में एक साथ रजनी सोम, नवाजिश मंजूर, शफीक, दिलशाद, साहिबे आलम, शमशाद, ललित चौहान, रोहताश पहलवान, अनुज वाल्मीकि, सतपाल सिंह, विक्की तनेजा, कुसुम प्रधान, अनिता, रीना कुमारी, बबीता और अंजू एकसाथ वोट डालने आये। इनके बाद रविंद्र, सीमा प्रधान, मनोज अधाना और तनु आए। जबकि विनोद लालपुर सबसे अंत में आये।
एक सदस्य ने खोली पहचान
दोपहर तीन बजे तक सभी 34 वोट डलने के बाद मतगणना शुरू हुई तो कुलविंदर सिंह को 17 और सपना हुड्डा को 16 वोट मिले। जबकि एक वोट निरस्त हो गया। जिलाधिकारी समीर वर्मा ने बताया कि एक सदस्य ने मतपत्र पर अधिमान दर्ज करने के बजाय अपनी पहचान के रूप में नाम लिख दिया था, जिस कारण यह मत निरस्त किया गया।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/