पर्यावरण को लेकर जनता जागरूक हो रही है। इसका असर कांवड़ शिविरों में भी दिखाई दे रहा है। शिविर संचालक कागज के गिलासों में चाय और पत्तल पर भोजन परोस रहे हैं। भोल रोड चौराहा के निकट लगे एक कांवड़ शिविर में समिति ने प्लास्टिक की जगह स्टील के ग्लासों का प्रयोग किया।
शिविर संचालकों का कहना है कि इससे हमें पर्यावरण को दूषित होने से बचाने में सहयोग मिलेगा। शिवभक्तों ने भी ढाक के पत्तों से बनी पत्तलों पर ही भोजन किया। पिछली साल के मुकाबले इस बार कांवड़ मेले में प्लास्टिक के ग्लास और प्लेट का 30 प्रतिशत प्रयोग कम देखने को मिला।
प्लास्टिक के प्रयोग से बचने की कोशिश
हाईवे स्थित खिर्वा चौपले पर लगाए गए भाजपा नेता नीरज मित्तल के कांवड़ शिविर में शिवभक्तों को चाय कुल्हड़, कागज के गिलास में दी गई। अधिकतर कांवड़ शिविरों में प्लास्टिक के ग्लासों, प्लेटों का प्रयोग करने से परहेज किया गया। एडीएम सिटी मुकेश चंद ने कांवड़ियों से यात्रा के दौरान आ रही कठिनाइयों और असुविधाओं के बारे में पूछा। गण्ेाश अग्रवाल, राजेश खन्ना, निशांक गर्ग, अंकुर गुप्ता, विजय लाखवान आदि मौजूद रहे।