कचहरी में मुल्जिम को खुली छूट देने से लेकर उनकी फरारी तक की अहम भूमिका पुलिस निभाती है। मुल्जिम की फरारी पर विभागीय दंड मिलने के बावजूद लापरवाह पुलिसकर्मी साठगांठ कर दोबारा से अपनी ड्यूटी कचहरी में लगवा लेते हैं। जिसके बाद दागी पुलिसकर्मी मुल्जिमों की फिर से कोर्ट में पेशी कराते हैं और उनको खुली छूट देकर फरार करा देते हैं। ऐसा ही मामला सोमवार को कचहरी में देखा गया। जिस पुलिसकर्मी पर मुल्जिम भागने पर मिस कंडेक्ट और सस्पेंशन की कार्रवाई हुई। वहीं अब फिर से हवालात पर कुख्यातों की पेशी कराने के लिए ड्यूटी लगाता मिला।
हथकड़ी अलग तो कोई खुलेआम घूम रहा
कचहरी में पेशी के दौरान मुल्जिमों को खुली छूट है। ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को मुल्जिमों के प्रति पुलिस की गंभीरता की पड़ताल की तो पोल खुल गई। मुल्जिम की हथकड़ी अलग पड़ी थी और दूर तक पुलिसकर्मी नहीं था। कहीं पर मुल्जिम की हथकड़ी उसके ही हाथ में सौंप रखी थी और वह खुलेआम घूम रहा था। यही नहीं, मुल्जिम अपने परिजनों से पुलिस के सामने बातचीत कर रहा था और खुलेआम धमकी भी दे रहा कि अगर कुछ परेशानी हो तो बता दे। जेल से भी मेरा इतना ही सिक्का चलता है, जितना बाहर चलता था। मुल्जिमों को कोई टोकने वाला नहीं था।
इनको किया गया नजरअंदाज
परतापुर में पराग डेयरी से 41 लाख की लूट का आरोपी कपिल कुमार 21 जून 2016 को कचहरी से सेटिंग करके भागा। इस मामले में एक महिला कांस्टेबल समेत तीन सिपाही सस्पेंड हुए। ड्यूटी लगाने वाले कांस्टेबल संजीव समेत चार पुलिसकर्मियों को भी एसएसपी ने सस्पेंड किया। जांच में खुलासा हुआ था कि कुख्यात कपिल की फरारी में इन सभी सातों पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। इसके बाद कांस्टेबल संजीव कुमार को फिर से सदर हवालात पर तैनात कर दिया गया।