संवाद में यह बात जोरशोर से उठी कि क्रांति के शहर में ऐसा स्थान जरूर डेवलप हो, जो यहां हुई क्रांति की गवाही देता हो। गंगानगर संघर्ष समिति के महासचिव हरविंदर सिंह ने कहा कि मेरठ में प्रवेश करते समय ही इस तरह से स्थान डेवलप हो तो यहां आने वाले लोगों को भी इस गौरव का अहसास हो सके। हरविंदर सिंह ने घोषणा की कि यदि नगर निगम इस पर काम करता है तो एक लाख रुपये वह समिति की तरफ से इस कार्य पर देंगे। सभी लोगों ने इसका स्वागत किया और महापौर ने भी कहा कि वह इस मुहिम को जरूर आगे बढ़ाएंगी।
यह भी रहे सुझाव
- आबूूनाला पुराने समय की नदी है। उसे आबू रीवर के रूप में डेवलप किया जाए। साफ सफाई कर उसमें साफ पानी डाला जाए।
- शहर में निगम एक उच्चस्तरीय ऑडिटोरियम बनवाए जो शहर की पहचान बन जाए। बड़े कार्यक्रमों का आयोजन इसमें आसानी से हो सके
- वाटर हार्वेस्टिंग का इंतजाम हो। नालों में बारिश का पानी अलग और सीवर का अलग जाने का इंतजाम हो।
- यह ध्यान दिया जाए कि कोई भी अपने मकान या दुकान का रैंप सड़क तक न बनाए
ये भी रहे महापौर के वायदे
- कॉलोनियों में खाली पड़े प्लॉटों में लोग कूड़ा डालते हैं। उन्हें चिह्नित कर रोकेंगे। भूखंड स्वामी को इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी।
- एक सेल गठित होगा, जो जनता की समस्याओं को दर्ज कर उनका निस्तारण निर्धारित समयावधि में कराएगा
- अवैध होर्डिंग हटाने का अभियान जल्द चलेगा
- शहर के मुख्य स्थानों पर सफाई जल्द शुरू होगी
ये भी रहे मौजूद
पूर्व विधायक योगेश वर्मा, शाहजहां सैफी, सुधांशु महाराज, राजन वर्मा, राहुल गौतम, राजीव भाटी, बबलू, कासिम आदि।