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कूड़ा उठना शुरू, साफ होने में लगेंगे कई दिन

Sat, 01 Sep 2018 01:06 AM IST
amarujala
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file - फोटो : amarujala
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बिना कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाए गांवड़ी के डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डाले जाने के विरोध में धरना दे रहे ग्रामीणों ने शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों के मान-मनौव्वल के बाद एक सप्ताह तक कूड़ा डालने की अनुमति दे दी है। हालांकि कई दिनों चल रहा उनका धरना जारी रहा। दोपहर बाद नगरायुक्त, एडीएम, अपर नगरायुक्त, एसपी देहात आदि पुलिस फोर्स के साथ गांवड़ी पहुंचे। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान ने एक सप्ताह में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की मांग रखी। उन्होंने निगम अधिकारियों को झूठा बताते हुए एडीएम व एसपी के आश्वासन पर धरना खत्म करने का निर्णय लिया। साथ ही दो सितंबर को होने वाली पंचायत में लिए जाने वाले निर्णय को अंतिम बताया। ग्रामीणों के मान जाने से एक सप्ताह तक तो शहर की समस्या का हल हो गया, लेकिन एक सप्ताह बाद क्या होगा। ये किसी अधिकारी को नहीं पता।
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रात्रि में भी चली गाड़ियां, 250 टन कूड़ा उठाया 
ग्रामीणों की सहमति मिलने के बाद शुक्रवार शाम नगर निगम ने शहर के ढलावघरों से कूड़ा उठाना शुरू किया। शहर के कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए निगम ने पूरी मशीनरी को लगा दिया। निगम ने दो दिनों में शहर का पूरा साफ करने का लक्ष्य बनाया है, लेकिन यह कहीं से संभव नहीं दिखाई देता है। वजह शहर में सात हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा जमा है और निगम की मशीनरी प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन ही कूड़ा उठा पाती है। रोजाना का 800 मीट्रिक टन कूड़ा और बढे़गा। इसलिए शहर को साफ होने में कई दिन लग जायेंगे। जब तक शहर साफ होगा, तब तक ग्रामीणों का एक सप्ताह का अल्टीमेटम खत्म हो जायेगा। साफ है कि कूडे़ की समस्या से निजात आसानी से नहीं मिलने वाली।


ग्रामीणों को सपा का समर्थन
गांवड़ी क्षेत्र को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। कूड़ा निस्तारण प्लांट की मांग को लेकर चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन का नेतृत्व सपा नेता अतुल प्रधान कर रहे हैं। शुक्रवार को भी सपा नेताओं ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोला और ग्रामीणों को हर कदम पर सहयोग देने की बात कही। उनके साथ शहंशाह जफर, नितिन कटारिया, आनंद प्रकाश सिद्धार्थ आदि रहे। शुक्रवार को गावंडी गांव के पास धरने पर बैठे ग्रामीण भारी पुलिस को देखकर एक बार को सकपका गए। हालांकि सपा नेता अतुल प्रधान ने सभी ग्रामीणों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर ग्रामीण फिर से धरने पर बैठे।
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तीन घंटे चली ग्रामीणों से वार्ता 
गांवड़ी में दोपहर करीब दो बजे डेढ़ सेक्शन पीएसी के साथ कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। उसके साथ एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ सिविल लाईन श्रीराम अर्ज, सीओ मवाना और भावनपुर आदि भी थे। तीन बजे एडीएमई रामचंद्र, नगरायुक्त मनोज चौहान, अपर नगरायुक्त अमित कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कुंवरसेन भी पहुंच गए। नगरायुक्त थाना भावनपुर में डेरा डाले रहे। अपर नगरायुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। अपर नगरायुक्त ने तो नई तैनाती का बहाना करके ग्रामीणों से पीछा छुड़ा लिया। लेकिन एडीएमई और एसपी देहात के समझाने पर ग्रामीण माने। लेकिन दो सितंबर को महापंचायत की चेतावनी देना भी नहीं भूले।  

ये रखी ग्रामीणों ने मांग 
- डंपिंग ग्राउंड पर घूमने वाले आवारा कुत्ते सात दिन में पकड़े जाएं
- कूड़ा डालने के लिए खोदे जा रहे गड्ढों में पालीथिन डाली जाए 
- एक सप्ताह में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का निर्णय लिया जाए
- प्रतिदिन कूड़े के ऊपर चूना डालने के साथ फागिंग की जाए
- सभी कूड़ा गाड़ी डंपिंग ग्राउंड पर ढककर लाई जाएं 

इन गांवों की होगी पंचायत 
गावंडी, भावनपुर, मेदपुर, पचपेडा, अब्दुलापुर, सहित दर्जनों गांवों की पंचायत दो सितंबर को होगी। पंचायत का निर्णय सर्वोपरि होगा। माना जा रहा है कि अगर पंचायत ने कूड़ा निस्तारण प्लांट न लगने से पहले कूड़ा न डलने देने का फरमान जारी किया तो तीन सितंबर से फिर निगम की कूड़ा गाड़ियों का चक्का जाम हो सकता है। 


सड़क पर कूड़ा डालने पर हंगामा
खत्ता रोड पर मुस्लिम बस्ती के बीच ढलावघर में आसपास के इलाकों का कूड़ा डाला जाता है। एक सप्ताह से ढलावघरों से कूड़ा नहीं उठने से वहां भरी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है। शुक्रवार को सफाई कर्मचारी वहां कूड़ा डालने पहुंचे तो कूड़ा सड़क तक आ गया। सड़क पर कूड़ा डालने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो हंगामा हो गया। सूचना पर सफाई कर्मचारी नेता कैलाश चंदोला मौके पर पहुंचे। मामला बढ़ा तो धक्का-मुक्की और गाली गलौज की नौबत आ गयी। लेकिन कुछ जिम्मेदार लोगों ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया।  
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