फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोलकाता कांड: पश्चिमी यूपी में में फूटा चिकित्सकों का गुस्सा, निकाले माैन जुलूस, स्वास्थ्य सेवाएं ठप

Sat, 17 Aug 2024 02:31 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

कोलकाता में जूनियर डॉक्टर दुष्कर्म हत्याकांड के विरोध में आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चिकित्सकों का गुस्सा फूटा।
विज्ञापन
बिजनाैर में प्रदर्शन करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलकाता में जूनियर डॉक्टर दुष्कर्म हत्याकांड के विरोध में आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में निजि चिकित्सक प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरठ शहर के सभी 800 निजी चिकित्सक ओपीडी बंद रख प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में चिकित्सा सेवा बाधित हो रही है। हालांकि इमरजेंसी सेवा अस्पतालों में जारी है। 

विज्ञापन


आज सुबह छह बजे प्रदर्शन में शामिल होकर 18 अगस्त सुबह 6 बजे तक शहर के सभी चिकित्सक ओपीडी कार्य का बहिष्कार करेंगे। सुबह शांति मार्च भी निकाला गया। यह मार्च आईएमए हॉल से शुरू होकर ईव्ज चौराहा, डीएन कॉलेज से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दोबारा चिकित्सक वहां से पैदल वापस लौटेंगे। 

सचिव डॉ. नवनीत गर्ग ने कहा कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ त्वरित सुनवाई के अतिरिक्त अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी कार्य करने वालों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने के लिए कानून भी बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन


डॉ. जेवी चिकारा ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद को सशक्त कर भारत में कहीं भी काम करने वाले मेडिकल छात्रों और सभी चिकित्सकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। सचिव डॉ. तरुण गोयल ने बताया कि आईएमए हॉल में मोमबत्ती जलाकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस शांति पूर्ण विरोध प्रदर्शन में मेडिकल कॉलेज के ट्रेनी डॉक्टर्स भी शामिल होंगे।

बिजनाैर में प्रदर्शन करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
बिजनाैर में तख्तियों के साथ जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
बिजनाैर जनपद में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नेतृत्व में चिकित्सकों ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति का नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नीमा सहित विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने पश्चिम बंगाल में डॉक्टर की हत्या और दुष्कर्म के विरोध में प्रदर्शन किया। डॉ.वीके  चावला के प्रतिष्ठान से चिकित्सकों ने न्याय की मांग को लेकर तख्तियों के साथ जुलूस निकाला।

डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. वीके चावला, डॉ. अतुल बहादुर सक्सेना, डॉ. अखलाक अहमद, डॉ. शरद महेश्वरी, डॉ. अंशुल त्यागी, डॉ. सुलेमान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। चिकित्सकों ने दुष्कर्म और हत्या में शामिल लोगों को फांसी की सजा देने और चिकित्सकों की सुरक्षा की मांग की।

प्रदर्शन में डॉ. एमपी कर्णवाल, डॉ. मुकेश सक्सैना ,डॉ.अंशुल त्यागी, डॉ.एसएम परवेज ,डॉ. राजेश प्रभाकर ,डॉ.शारदा प्रसाद सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।
चिकित्सकों ने आपात कालीन चिकित्सा को छोड़कर ओपीडी बंद रखने का फैसला लिया है।

उधर मेडिकल स्टोर स्वामियों ने भी पश्चिम बंगाल की चिकित्सक हत्याकांड और दुष्कर्म के विरोध में देशव्यापी हड़ताल प्रदर्शन का समर्थन करते हुए मेडिकल प्रतिष्ठान बंद रखने का फैसला लिया है।

सहारनपुर में हड़ताल करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में डॉक्टर हड़ताल पर, मरीज परेशान 
सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजीडेंट की हड़ताल में आज प्राचार्य सहित सभी वरिष्ठ चिकित्सक बाजू में काली पट्टी बांधकर पहुंचे तथा कोलकाता घटना पर विरोध जताया।

प्राचार्य ने कहा कि ओपीडी के मुख्य द्वार पर जूनियर रेजिडेंट धरना दे रहे हैं। इसीलिए परेशानी से बचाने के लिए आपातकालीन विभाग की ओर से मरीजो को भेजा जा रहा है ओपीडी खुली हुई है जिसमें वरिष्ठ चिकित्सक मरीजों को जांचेंगे।

हड़ताल को समर्थन नहीं है केवल घटना के विरोध में उन्होंने तथा सभी वरिष्ठ चिकित्सकों ने बाजू में काली पट्टी बांधी है। डाक्टरों के हड़ताल पर रहने से मरीजों को भी वापस लौटना पड़ रहा है।

बागपत में शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सक गांधी रोड पर एकत्रित हुए और विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान इमरजेंसी सेवा को छोड़कर अन्य सेवाएं ठप हे गई हैं। चिकित्सकों ने बताया कि कोलकाता की घटना के बाद देश भर के डॉक्टरों में भय का माहौल है। हम घटना की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करने, दोषियों को फांसी, सेंट्रल मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने व क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

चिकित्सक ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि भविष्य में ऐसी कोई घटना स्वास्थ्य सेवा से जुड़े डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ न हो। पूरे देश के चिकित्सक स्वास्थ्य सेवा ठप कर आंदोलन को बाध्य होंगे। इसके बाद चिकित्सकों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां बैनर लेकर गांधी रोड, नेहरू मूर्ति, फूंसवाली मस्जिद, कोताना रोड, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से होते हुए तहसील पहुंचे। जहां पर उन्होंने एसडीएम अमरचंद वर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन होते हुए कार्रवाई की मांग की। 

चिकित्सकों की हड़ताल से मरीज रहे परेशान 
कोलकाता में आरजी कार मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर के साथ गैंग रैप और हत्या को लेकर चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीज परेशान रहे, क्योंकि इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं सेवाएं बंद रही। जिस कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो घंटे मौन जुलूस निकालने के बाद चिकित्सक अपने प्रतिष्ठानों पर लौट गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें