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Meerut: एक पिता ने बेटी के गम में जान दी, दूसरा तीन बेटियों को फेंकने जा रहा था गंगनहर में

Fri, 16 Aug 2024 11:27 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

एक पिता ने अपनी नवजात बेटी की मौत के सदमे अपनी जान दे दी। वहीं दूसरा पिता बेटा न होने पर अपनी तीन बेटियों को गंगनहर में फेंकने चल दिया।
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पिता से बचाई गई तीनों बच्चियां। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेटी की जन्म के चंद घंटे बाद मौत हुई तो पिता सदमे में आ गया। इसी गम में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव बृहस्पतिवार को जानी थाना क्षेत्र में पेड़ पर लटका मिला। वहीं, एक पिता ने बेटा नहीं होने पर पत्नी को मारपीट कर घर से निकाल दिया। बुधवार को वह तीनों मासूम बेटियों को गंगनहर में फेंकने के लिए पहुंच गया। बेटियों को छुड़ाने का प्रयास कर रही पत्नी को बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बेटियों को छुड़ाया। लोगों को देखकर आरोपी पिता फरार हो गया। 
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अस्पताल में भर्ती बच्चियों की मां नाजमा। - फोटो : अमर उजाला
पहला मामला सरधना के मढियाई गांव का है। गांव निवासी कामिल ने बताया कि उसकी बहन नाजमा की शादी 10 साल पहले दिल्ली के युवक से हुई थी। नाजमा के चार बेटियां हो गईं। एक बेटी की बीमारी के कारण मौत हो गई। बेटा नहीं होने से नाजमा का शौहर नाराज रहता था। नाजमा से मारपीट करता था। इसके चलते नाजमा अपने मायके आ गई थी। कामिल ने बताया कि बुधवार शाम को वह शराब पीकर घर आया और तीनों बेटियों पांच वर्षीय सना, चार वर्षीय अलसिफा व तीन वर्षीय फिजा को गंगनहर में फेंकने की बात कहकर उनको साथ ले जाने लगा। नाजमा ने विरोध किया तो उसकी डंडे से बुरी तरह पिटाई कर दी। नाजमा के मुंह और कमर पर गंभीर चोट आई। शोर सुनकर गांव के लोग पहुंचे तो आरोपी तीनों बेटियों को लेकर घर से जा रहा था। ग्रामीणों ने उसे रोका तो उनके साथ भी गाली-गलौज की। ग्रामीणों ने तीनों बेटियां को छुड़ा लिया। आरोपी भाग निकला। परिजनों ने गंभीर रूप से घायल नाजमा को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही सरधना थाने में तहरीर दी गई। सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि सरधना थाना प्रभारी से मामले की जानकारी की जा रही है।
 

दो महीने पहले एक पिता ने नहर में फेंक दी थी ढाई साल की बच्ची
मढियाई गांव में दो महीने के भीतर ये दूसरी घटना है। जून महीने में पिता सुलेमान ने ढाई साल की बेटी को गंगनहर में फेंक दिया था। मासूम की मौत हो गई थी। पिता का कहना था कि बच्ची चार साल के भाई से झगड़ा करती थी। बच्ची को सुलेमान चुपचाप अगवा करके ले गया था। इससे पहले भी सुलेमान की दो बेटियां संदिग्ध हालात में गायब हो चुकी थीं। गांव वालों का कहना था कि उनको भी सुलेमान ही लेकर गया होगा।
 

कुछ दिन पहले हुआ था बेटी का जन्म, हो गई थी मौत
जानी थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के जंगल में बृहस्पतिवार शाम को एक युवक का शव आम के पेड़ पर लटका मिला। आधार कार्ड के आधार पर पहचान बागपत के सिंघावली अहीर गांव निवासी नाजिम के रूप में हुई। परिजन जहां हत्या का आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कुछ दिन पहले नाजिम की पत्नी ने सातवें महीने में ही बेटी को जन्म दिया था। चंद घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद से नाजिम परेशान रहता था।

 
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बृहस्पतिवार शाम को रघुनाथपुर के रामबीर ने जानी पुलिस को उनके बाग में शव पेड़ पर लटका होने की सूचना दी थी। पेड़ के पास ही युवक की बाइक खड़ी थी। हेलमेट और जूते बाइक पर रखे थे। परिजनों ने बताया कि बुधवार को नाजिम बाइक लेकर निकला था, इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने बताया कि नाजिम मेरठ लिसाड़ी गेट के समर गार्डन में बिरयानी की दुकान चलाता था। डेढ़ साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि परिजनों की मौजूदगी में शव को पेड़ से उतारा गया। नाजिम बेटी की मौत के बाद से परेशान रहता था। इसी कारण उसने आत्महत्या की है।
 
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