सरूरपुर क्षेत्र में गन्ना पेराई के लिए तैयार हुआ कोल्हू।
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सरूरपुर। चीनी मिलों का पेराई सत्र देरी से शुरू होने की वजह से किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। हालांकि कोल्हू तैयार हो जाने से किसानों को जल्द पेराई शुरू होने की उम्मीद है।
किसान बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और पेराई सत्र जल्द शुरू करने के लिए आंदोलनरत रहते हैं। बकाया भुगतान न होने और पेराई सत्र में होती देरी ने किसानों को बेहाल कर दिया है। इस स्थिति के चलते बीते पांच सालों में खत्म हुए खांडसारी उद्योग में जान फूंक दी है। कोल्हू संचालक आस मोहम्मद त्यागी, मंजूर चौधरी, कन्नूमल जैन आदि का कहना है कि इस साल कोल्हुओं की ओर किसानों का अधिक रुख रहेगा। जिसकी वजह गन्ने का खेत खाली कर सरसों की अगेती बुआई करना है। साथ ही सीजन की शुरुआत में गन्ने का दाम नकद और बेहतर मिल जाता है। पिछले पेराई सत्र में किनौनी शुगर मिल के क्षेत्र में डेढ़ सौ के करीब कोल्हू ही चल पाए थे। बीते वर्ष कुल गन्ना उत्पादन का करीब 30 फीसदी कोल्हू और क्रशरों में पहुंचा था। इस बार यह आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। इस वर्ष क्षेत्र में तीन गुना अधिक कोल्हू तैयार हैं और जल्द की पेराई शुरू कर दी जाएगी। इसके चलते गन्ने के करीब एक चौथाई खेत खाली हो जाएंगे। चीनी मिल चलने तक कोल्हू मालिक गन्ने की काफी पेराई कर चुके होंगे। किसान अभी तक सरकार से बकाया गन्ना भुगतान कराने की गुहार लगा रहे हैं। कोल्हू-क्रशर द्वारा पेराई चालू किए जाने से किसानों की आय शुरू हो जाएगी। जिससे उनका आर्थिक संकट कुछ हद तक हल हो सकता है।