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ऋषिकेश से अगवा किशोर धामपुर से मुक्त, अपहर्ता भी गिरफ्तार

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ऋषिकेश निवासी किशोर भुवनेश्वर,जिसका हुआ था अपहरण - फोटो : BIJNOR
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ऋषिकेश से अपहृत किशोर धामपुर से मुक्त कराया, एक गिरफ्तार
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बिजनौर। स्वाट व सर्विलांस टीम व धामपुर पुलिस ने 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए ऋषिकेश से अपहृत किशोर भुवनेश्वर कुमार को रोडवेज बस स्टैंड से मुक्त करा लिया है। पुलिस ने अपहरण करने वाले राजन उर्फ भोला को भी दबोच लिया हैं।
भुवनेश्वर (13) उत्तराखंड के ऋषिकेश थाना क्षेत्र के कस्बा भट्टोवाला निवासी गोपाल कृष्ण कुकरेती का पुत्र है और उसका शनिवार को दिन में 12 बजे अपहरण कर लिया गया। वह कक्षा आठ का छात्र हैं। गिरफ्तार अपहरणकर्ता राजन बिहार के सरेयावृद्घि टोला पूर्वी चम्पारण का रहने वाला है और टाइल्स लगाने का काम करता था। उसने परिजनों से मोबाइल पर भुवनेश्वर को छोड़ने को 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, 13 लाख रुपये में बात तय हो गई थी। एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि राजन ने परिजनों से कहा कि रुपये का इंतजाम हो जाने के बाद वह बताएगा कि फिरौती की रकम कहां कब देनी हैं। राजन के मोबाइल की लोकेशन बिजनौर में मिली तो ऋषिकेश पुलिस ने बिजनौर पुलिस को जानकारी दी। स्वाट/ सर्विलांस टीम और धामपुर पुलिस के साथ सीओ अजय अग्रवाल ने धामपुर में रोडवेज बस स्टैंड से अपहृत भुवनेश्वर को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। ऋषिकेश पुलिस को बता दिया गया है।
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भुवनेश्वर का अपहरण करके बिहार ले जा रहा था राजन
बिजनौर। ऋषिकेश से किशोर भुवनेश्वर का अपहरण करने के बाद राजन उर्फ भोला उसे बिहार ले जा रहा था। बिहार में ही भुवनेश्वर के परिजनों से फिरौती लेकर उसे छोड़ने का इरादा था।
बिहार के सरेयावृद्घि टोला पूर्वी चंपारण निवासी राजन उर्फ टोला दो साल से ऋषिकेश में मकान में टाइल्स लगाने का काम कर रहा था। ऋषिकेश थाने के कस्बा भट्टोवाला निवासी गोपाल कृष्ण कुकरेती का मकान बन रहा है। पुलिस के मुताबिक पिछले डेढ़ साल से राजन गोपाल के घर पर राजन काम कर रहा था। गोपाल के परिजनों से वह पूरी तरह घुल मिल गया था। परिजन भी राजन पर विश्वास करने लगे। शनिवार को जब भुवनेश्वर गायब हुआ तो परिजन उसकी तलाश में जुट गए। राजन का जब फिरौती मांगने को फोन आया तो परिजन हक्के बक्के रह गए। पुलिस के मुताबिक राजन भुवनेश्वर का अपहरण करने के बाद उसे लेकर रोडवेज बस से हरिद्वार आया। हरिद्वार से नजीबाबाद पहुंचा। अब रोडवेज बस से भुवनेश्वर को लेकर मुरादाबाद जा रहा था। तभी धामपुर में राजन को भुवनेश्वर के साथ दबोच लिया। राजन ने पुलिस को बताया कि मुरादाबाद से वह ट्रेन से बिहार पहुंचता।
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बिहार में भुवनेश्वर को अपने ठिकानों पर रखने के बाद परिजनों से बिहार ही फिरौती की रकम मंगाकर भुवनेश्वर को छोड़ता। राजन ने पुलिस को बताया कि वह डेढ़ साल से गोपाल के घर पर काम कर रहा था। कोरोना कर्फ्यू के दौरान काम बंद होने पर अपने घर वापस चला गया। कोरोना कर्फ्यू खुलने पर फिर से आकर काम करने लगा। भुवनेश्वर उसे भाई कहता है। उस पर खूब विश्वास करता है। उसने भुवनेश्वर से कहा कि बिहार में उसके घर पर दो गाड़ी खड़ी हैं। राजन जानता था कि भुवनेश्वर को गाड़ी चलाने का बेहद शौक है। राजन ने भुवनेश्वर से कहा कि बिहार से एक गाड़ी चलाकर वह ले आए और दूसरी वह खुद ले आएगा। भुवनेश्वर गाड़ी चलाने के लालच में बिना किसी को कुछ बताए राजन के साथ चल दिया। भुवनेश्वर को राजन के इरादे के बारे में कुछ मालूम नहीं था। राजन ने भुवनेश्वर से कुछ दूर हटकर मोबाइल से परिजनों को कॉल करके उसे छोड़ने के लिए फिरौती मांगी, तब जाकर परिजनों को भी असली कहानी का पता चला। एसपी डा.धर्मवीर सिंह के मुताबिक धामपुर में पुलिस अगर राजन को न दबोचती तो वह भुवनेश्वर को लेकर बिहार चला जाता।

ऋषिकेश में बालक का अपहरण करने वाला आरोपी राजन।- फोटो : BIJNOR

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