लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही किसान राजनीति भी गरमाने लगी है। आधा दर्जन से ज्यादा किसान संगठनों ने बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ बुधवार को संयुक्त रूप से ऊर्जा भवन पर धावा बोल दिया। अधिकारियों द्वारा मांगों को शासन में भेजने के आश्वासन पर किसान नहीं माने और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। वहीं, ऊर्जा भवन परिसर में ही भट्ठी चढ़ा दी। किसान नेताओं ने मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया। उन्होंने नवरात्र, दीवाली और ईद नहीं मनाने की निर्णय किया है।
किसान समन्वय मंच के बैनर तले बुधवार को आधा दर्जन से ज्यादा किसान संगठन भारी भीड़ के साथ ऊर्जा भवन पहुंचे। उन्होंने यहां पुरानी बिल्डिंग परिसर में धरना चालू कर दिया। भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि हरियाणा और यूपी में भाजपा की सरकारें हैं। इसके बावजूद किसानों के लिए बिजली दरें अलग-अलग रखी गई हैं। हरियाणा में नलकूप कनेक्शन बिल 25 रुपये प्रति हार्सपावर है जबकि यूपी में दर 180 रुपये है। इसे किसान वहन नहीं कर सकता है।
किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक नरेंद्र राणा ने कहा कि पंजाब और कर्नाटक में किसानों को बिजली मुफ्त दी जा रही है। वहीं, तेलंगाना और हरियाणा में मामूली दर पर बिजली दी जा रही है। यूपी के किसानों को घर का बिल 900 रुपये से ज्यादा और नलकूप का बिल पहले से चार गुणा देना पड़ रहा है। 5-5 हजार रुपये बकाये पर किसानों के खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है। सरकारी दफ्तरों, मंत्रियों, नेताओं और अधिकारियों पर बकाया हैं परंतु इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। भारतीय किसान मजदूर मंच के अध्यक्ष गुलाम अली जौला ने कहा कि किसान आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। जब तक बिजली दरें कम नहीं होंगी किसान यहीं डटे रहेंगे। यहां भारतीय किसान आंदोलन के कुलदीप त्यागी, हरवीर सिंह निलोहा, ब्रजेश चौहान, हाजी अरशद, गगन सोम आदि मौजूद रहे।
नहीं माना निदेशक का आश्वासन
एमडी आशुतोष निरंजन के बाहर होने की वजह से निदेशक कार्मिक यतीश वत्स और स्टाफ आफिसर अनिल मलिक बातचीत के लिए पहुंचे। निदेशक ने कहा कि उनकी मांगे शासन स्तर की हैं। बिजली की दरें नियामक आयोग द्वारा बढ़ाई जाती हैं। यहां से किसानों की मांगे शासन को भेज दी जाएंगी। इस पर किसानों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने चेताया कि जब तक राहत नहीं मिलेगी तब तक वापस नहीं जाएंगे।
सीमा से किसानों के बेटे हटे तो पाक पहुंच जाओगे
ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि सरकार हक मांगने वाले किसानों पर रबर की गोलियां चलवा रही है। यदि किसानों ने अपने बेटों को बार्डर से बुलवा लिया तो एसी में बैठे मंत्री और अधिकारी पाकिस्तान में मिलेंगे।
भाजपाइयों को गांव में नहीं घुसने देंगे
किसानों ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया है। किसान भाजपा नेताओं को गांव में नहीं घुसने देंगे और चुनाव का बहिष्कार करेंगे। कई गांवों में भाजपा नेताओं का प्रवेश प्रतिबंधित वाले बोर्ड लगा दिए हैं।
कड़ाही चढ़ी, खिचड़ी और पकवान बनाए
किसानों ने ऊर्जा भवन परिसर में कड़ाही चढ़ा दी। शाम को खिचड़ी, पूड़ी और सब्जी बनाई गई। ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक यहां से नहीं जाएंगे।
ये हैं किसानों की मांग
बढ़ाई ग्रामीण विद्युत दर कम करके 100 रुपये महीना की जाए
नलकूप कनेक्शन का बिल हरियाणा की तर्ज पर 25 रुपये हार्सपावर किया जाए
बकाया होने पर किसान के खिलाफ एफआईआर न कराई जाए
जिन किसानों पर एफआईआर कराई है उन्हें वापस कराया जाए
गांवों में भ्रष्टाचार कर रहे टीजी-2 को प्रभारी पद से हटाकर जेई तैनात किए जाएं
गन्ने का बकाया भुगतान कराया जाए
गोवंश के नाम पर राजनीति बंद हो, किसानों को 300 रुपये महीना गोवंश पालन के लिए दिए जाएं