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फसल उजाड़ने चले बुलडोजर के आगे अड़े किसान

Tue, 24 May 2016 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फफूंडा में एनएचआई का विरोध करते किसान - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ-बुलंदशहर मार्ग एनएच-235 के चौड़ीकरण की प्रक्रिया के तहत गांव फफूंडा में जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे एनएचएआई के अधिकारियों ने खड़ी फसलों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। किसानों ने बुलडोजर के आगे अड़ते हुए इसका कड़ा विरोध किया। कहा कि जब तक उन्हें सही दर से नई भू अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजा नहीं मिलेगा, वे जमीन पर कब्जा नहीं देंगे।
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उन्होंने अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा। नेशनल हाईवे-235 के चौड़ीकरण की कार्यवाही चल रही है। हापुड रोड पर ही गांव पांची के जंगल में इसके  लिए हॉट मिक्स प्लांट भी बनकर तैयार हो चुका है। इस बाबत 3 ए गजट द्वारा भू अर्जन एवं मुआवजा वितरण का काम चल रहा है।
इस प्रक्रिया में जाहिदपुर, हाजीपुर, शकरपुर, ढिकौली, फफूंडा, बिजौली, पांची, कैली, खरखौदा, धीरखेडा, भगवानपुर व लालपुर सहित कई गांवों के कुछ किसानों की जमीन अधिग्रहण होनी है। अलग-अलग गांवों का अलग-अलग रेट घोषित हुआ है, जिससे किसान संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि किसी भी किसान को पूर्ण मुआवजा नहीं मिला है। निर्माण कंपनी के ठेकेदार पांच दिन पहले खरखौदा में काम करने पहुंचे थे, लेकिन किसानों ने पूर्ण मुआवजा न मिलने तक जमीन पर कब्जा देने से इंकार कर दिया था।
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गांव कैली निवासी ग्रामीणों ने पहले ही चार गुना मुआवजा न मिलने तक कब्जा देने से इंकार कर दिया।  सोमवार को कंपनी के ठेकेदार व एनएचएआई के अफसरों ने गांव फफूंडा में किसानों की खड़ी फसल पर बुलडोजर चलाना शुरू किया तो सैकड़ों किसान वहां जुट गए।किसान भीमचंद, मोहित कुमार, नीरज अग्रवाल, गजेंद्र सिंह, मांगेराम, शिवकुमार, ओमप्रकाश, हरकुमार, राजकुमार, महक सिंह, सुंदर, विजय, श्यामलाल, प्रमोद, सतीश, मनोज व मदन सिंह आदि बुलडोजर के आगे अड़ गए और ठेकेदार को घेर लिया।
किसानों ने स्पष्ट कहा कि अभी तक किसानों को पूर्ण मुआवजा नहीं मिला है, किसानों को भूमि संबंधी किसी निर्णय की सूचना नहीं दी गयी। इस संबंध में कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। किसानों की खड़ी फसल उजाड़ने का किसी को अधिकार नहीं है। चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अफसरों को देते हुए किसानों ने कहा कि जब तक सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, किसान अपनी जमीनों को नहीं छोड़ेंगे। 12 सौ रुपये मात्र के रेट पर जमीन नहीं दी जाएगी। विरोध के चलते एनएचएआई टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
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