बता दें कि दिल्ली बॉर्डर संघर्ष का अखाड़ा बन गया है। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोका जा रहा है। पुलिस जवानों ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया साथ पानी की बौछारे की हैं। उधर, बड़ी संख्या में पश्चिमी यूपी के बागपत से किसान बॉर्डर पर किसान क्रांति पदयात्रा में सहयोग देने के लिए रवाना हो चुके हैं। किसानों और दिल्ली प्रशासन की यह लड़ाई अभी जारी है किसान अपने संर्घष पर अड़े हुए हैं।
केंद्र में वर्ष 2014 में नई सरकार का गठन हुआ तो किसानों ने भी साढ़े चार साल इंतजार किया। भाजपा के चुनावी एजेंडे के लागू होने की आस टूटती दिखाई दी तो सरकार की इस बेरुखी पर किसानों का दर्द छलका और वह सड़कों पर उतर आए। किसानों ने केंद्र सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराकर जता दिया कि उनके मुद्दों पर बेरुखी भारी पड़ सकती है।
केंद्रीय मानव विकास संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। जल्दी ही किसानों के खातों में गन्ना भुगतान पहुंचना शुरू हो जाएगा। सरकार ने चार हजार करोड़ रुपये चीनी मिलों को सोफ्ट लोन के रूप में दिए हैं। यह धनराशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचेंगी।
बामनौली गांव में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि मलकपुर और मोदीनगर चीनी मिल जल्दी बकाया गन्ने का भुगतान करेंगी। सरकार चीनी मिलों पर दबाव बनाए है। चीनी मिलों ने यदि 15 अक्तूबर तक बकाया गन्ने का भुगतान नहीं किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। भाजपा सरकार ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। जल्दी ही बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर भी सड़क निर्माण शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा क्षेत्र में सड़क अच्छी होगी तो रोजगार होगा और रोजगार होता तो बच्चे तरक्की करेंगे। इसलिए शिक्षा बहुत जरूरी है। सरकार ने बावली में केंद्रीय विद्यालय की बनवाया है। इसमें दाखिला लेने वालों की मारामारी मची हुई है। बड़ौत में जल्दी ही रोजगार मेला लगाया जाएगा। इसके माध्यम से सैकड़ों युवाओं को नौकरी मिलेगी। बड़ौत में आर्मी भर्ती भी कराई जाएगी। इससे पहले भी बड़ौत में आर्मी, दिल्ली पुलिस की भर्ती कराई । इसमें जिले से सैकड़ों युवाओं का सलेक्शन हुआ। सरकार युवाओं के रोजगार के प्रति भी गंभीर है। इस मौके पर ग्रामीणों ने बकाया गन्ना भुगतान, जर्जर सड़क एवं बामनौली गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में धांधली की समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि चकबंदी ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। दो किसान आत्महत्या भी कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। लखनऊ में कई साल से जमे बैठे चकबंदी आयुक्त को हटाया जाए। रोडवेज बसों में अधिक किराया वसूला जा रहा है। इसके कम कराया जाए। केंद्रीय राज्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष उनकी समस्या रखेंगे। इस मौके पर राममेहर सिंह व बिल्लू ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
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