‘हक मांगने वालों को आंदोलन जीवी बता रही सरकार’
मवाना। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि अपने हक की आवाज उठाने वाले किसानों को सरकार आंदोलन जीवी कह रही है। उन्हें कभी खालिस्तानी तो कभी आतंकवादी तो कभी जाति से जोड़ा जा रहा है। कृषि कानूनों में खोट है। सरकार की मंशा साफ नहीं है। इनको लाने के लिए सरकार ने संसदीय प्रक्रिया को कुचलने का काम किया है। सभी नियमों की अनदेखी की है।
शनिवार को जयंती चौधरी मवाना के गांव भैंसा में किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का विरोध करते हुए किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों पर पत्ती जलाने पर जुर्माना लगाया जाता है। उनको जेल भेजने की धमकी दी जाती है। जिस कानून को सरकार पहले अच्छा बता रही थी। किसानों के सामने आते ही क्यों उसे 18 महीने रोकने की बात कर रही है। किसान सब कुछ समझ गया है।
आज नए नए शब्द लेख निकाले जाते हैं। क्या पहले कभी टुकडे़-टुकडे़ गैंग सुना था। सरकार ने गन्ने का दाम नहीं बढ़ाया है। अकेले मवाना शुगर मिल पर किसानों का 200 करोड़ रुपये बकाया है। बकाया भुगतान को लेकर किसानों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद आदि के दाम बढ़ रहे हैं। चार साल पहले जितनी बचत कर लेते थे, उतनी आज नहीं कर पा रहे हैं।
इसके पूर्व जयंत ने कहा कि समाज सुधारक रहे संत रविदास की जयंती है आज। मेरठ की यह धरती क्रांतिकारियों की रही है। चौधरी चरण सिंह भी इस धरती से जुडे़ रहे हैं। उन्होंने भी यहां क्रांतिकारियों को संगठित करने का काम किया था। किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। महात्मा गांधी ने भी अहिंसात्मक आंदोलन किया।
महापंचायत की अध्यक्षता राम मेहर सिंह ने की। मंच से हरेंद्र ताऊ, तेजपाल सिंह, राजेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री मैराजुद्दीन, पूर्व सांसद रामपाल मुंशी, अजीत राठी, नरेंद्र खजूरी, पूर्व चेयरमैन करनावल सतीश, पूर्व विधायक नवाजिश आलम आदि ने भी विचार रखे।