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किसान दिवस पर बागपत पहुंचे जयंत चौधरी, धरने को लेकर प्रशासन की टिकी निगाहें

Wed, 23 Dec 2020 12:18 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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jayant chaudhary - फोटो : अमर उजाला
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किसान दिवस पर आज रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी बागपत जनपद पहुंचे। उनके मौजूदगी को लेकर जिले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। वहीं दिल्ली पुलिस द्वारा किसान घाट पर श्रद्धांजलि सभा को अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद जयंत चौधरी ने किसान घाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह जिले के फखरपुर में होने वाली शोक सभा में शामिल हुए। इसके बाद छपरौली में कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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जयंत चौधरी बड़ौत में चल रहे किसानों के धरने में भी शामिल हो सकते हैं। इसे लेकर मंगलवार को दिनभर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी जानकारी जुटाते रहे। रालोद नेताओं की निगरानी की जा रही है।

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फखरपुर में शोक सभा में शामिल जयंत चौधरी - फोटो : अमर उजाला
किसान दिवस पर सोनीपत स्टैंड स्थित रालोद कार्यालय पर हवन भी किया जाएगा। जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने बताया कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम में रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी शामिल हुए।

बता दें कि किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के समाधि स्थल किसान घाट पर जाने में श्रद्धांजलि सभा करने की इजाजत राष्ट्रीय लोकदल को दिल्ली पुलिस ने नहीं दी थी। पुलिस ने कोरोनावायरस का हवाला देते हुए इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि वह बुधवार को किसान घाट जरूर जाएंगे।

वहीं इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह ने कहा कि किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की 118वीं जयंती पर मोदी सरकार द्वारा किसान घाट जाने की अनुमति न देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कोरोना के नाम पर मोदी सरकार तानाशाही पर उतारू है और देश के लाखों किसानों की भावनाओं से चल कर रही है।

उधर, कृषि कानूनों के विधोध में काठा गांव की सहकारी समिति में चल रहे किसानों का अनिश्चितकालीन धरने तीसरे दिन भी जारी रहा। नसीरपुर में ठाकुर समाज के चौधरी एवं भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि अन्नदाता की मेहनत की कमाई से देश चलता है। कृषि कानून अगर किसानों को स्वीकार नहीं है तो सरकार को इसे वापस लेने में हिचक क्यों हो रही है। काठा गांव से किसान पीछे नहीं हटेंगे।

भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नु मलिक ने कहा कि किसान की ताकत से सरकार घबरा गई है। जाट महासभा की प्रतिनिधि डॉ. शालिनी राकेश ने कहा कि महिला शक्ति भी किसानों के साथ धरने पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। एडीएम अमित कुमार सिंह और एएसपी मनीष मिश्रा मंगलवार को किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें मनाने का प्रयास किया। किसान नहीं माने और काठा में धरना जारी है।
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