किनौनी मिल भुगतान में फिसड्डी और चीनी रिकवरी में सबसे आगे
मेरठ। किनौनी मिल अभी तक भी पिछले सत्र का भुगतान नहीं कर पाई है। मिल पर किसानों का करीब 170 करोड़ रुपये बकाया है। मिल भुगतान में तो फिसड्डी है, लेकिन वर्तमान पेराई सत्र में चीनी रिकवरी में मेरठ जनपद में सभी मिलों से आगे चल रही है। 17 नवंबर तक मिल ने करीब 16 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है। मिल की चीन रिकवरी 9.52 फीसदी है।
31 अक्तूबर माह से किनौनी मिल में के अंत से नया पेराई सत्र शुरू हो चुका है। जिले में अब तक पांच चीनी मिल गन्ना पेराई सत्र शुरू कर चुकी हैं। 17 नवंबर तक जिले में पांचों मिलों ने किसानों से 59.44 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है। किनौनी शुगर मिल पिछले सत्र का भी भुगतान नहीं कर पाई है, लेकिन चीनी उत्पादन के मामले में सब मिलों से आगे चल रही है।
किनौनी मिल ने अब तक 16.91 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। करीब 1.60 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई में कुल 9.52 फीसदी चीनी की रिकवरी हासिल कर सबसे आगे है। इसके अलावा करीब 13 लाख क्विंटल गन्ना खरीद कर मवाना मिल ने अभी तक 8.77 फीसदी चीनी की रिकवरी और नंगलामल मिल ने 7.52 लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर 8.30 फीसदी चीनी की रिकवरी हासिल की है।
तीन मिलों ने किया किया 26.21 करोड़ का भुगतान
जिला गन्ना अधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया कि दौराला, नंगलामल और मवाना मिल ने नए सत्र में 26.21 करोड़ रुपये का गन्ने का भुगतान कर दिया है। मवाना ने 5 नवंबर तक 5.59 करोड़, दौराला ने 3 नवंबर तक 12.83 करोड़ व नंगलामल मिल ने 6 नवंबर तक 7.79 करोड़ का भुगतान किया है। मोहिउद्दीनपुर मिल ने पिछले सत्र के बकाया में से शुक्रवार को 15 करोड़ रुपये का भुगतान किया। डीएम ने भी सभी मिलों के जीएम के साथ बैठक कर भुगतान की जानकारी ली।
ये है चीनी रिकवरी की स्थिति
मिल का नाम गन्ना खरीद चीनी रिकवरी
मवाना 13.49 8.77 फीसदी
दौराला 20.81 8.22 फीसदी
किनौनी 16.91 9.52 फीसदी
नंगलामल 7.57 8.30 फीसदी
सकौती 1.46 9.04 फीसदी
(नोट: गन्ना खरीद लाख क्विंटल में है।)