पत्नी के प्रेमी को चाकूओं से गोद कर मार डाला
मेरठ/हस्तिनापुर। हस्तिनापुर की आरके कॉलोनी में शनिवार रात पूर्व पति ने चार साथियों संग पत्नी के प्रेमी अशोक कुमार (44) को चाकुओं से गोद कर कर मार डाला।
पुलिस के मुताबिक दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी अशोक कुमार ने पत्नी को छोड़कर प्रेमिका प्रवेश से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों शादीशुदा थे। इसलिए परिजनों ने आपत्ति की थी। अशोक दिल्ली बिजली निगम में सफाई कर्मचारी थे। दोनों परिवारों की नाराजगी के कारण अशोक और प्रवेश तीन साल से आरके कॉलोनी में किराये पर रह रहे थे। आरोप है कि रात करीब आठ बजे प्रवेश का दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी पूर्व पति रविंद्र चार साथियों संग हस्तिनापुर आया था। सभी ने अशोक के घर पहुंचे और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर फरार हो गए।
लहूलुहान हालत में अशोक को प्रवेश पहले निजी अस्पताल ले गई। एक घंटे बाद एंबुलेंस 108 से वह अशोक को लेकर मवाना सीएचसी पहुंची। यहां डॉक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि महिला ने पहले पति पर हत्या का आरोप लगाया है।
अशोक की हत्या के बाद उसी की स्कूटी से फरार हुए आरोपी
मेरठ। हस्तिनापुर में अशोक की चाकुओं से गोदकर हत्या के बाद आरोपी उसी की स्कूटी लेकर फरार हो गए। घर के पास ही उनकी फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हो गई। करीब एक माह पूर्व एक बैंक अधिकारी संदीप की गर्भवती पत्नी और बेटी की हत्या के बाद भी आरोपी उनकी स्कूटी लेकर फरार हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक तीन साल से हत्यारोपी रविंद्र अपनी पत्नी प्रवेश और उसके प्रेमी अशोक को ढूंढ रहा था। दिल्ली से पीछा करते-करते तीन दिन पहले रविंद्र हस्तिनापुर पहुंचा था। अशोक के ठिकाने का पता लगाने के बाद उसने अपने साथियों को फोन करके दिल्ली से बुलाया। शाम को जब अशोक पार्क में घूम रहे थे तो मौका मिलते ही उन्हें मार दिया गया। अशोक की प्रेमिका प्रवेश का दावा है कि उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया था। अशोक की पत्नी कोमल अपने दो बच्चों के साथ त्रिलोकपुरी में और रविंद्र अपने दो बच्चों के साथ दिल्ली के कल्याणपुरी में रहते हैं। अब इनसे उनका कोई वास्ता नहीं था। अशोक और प्रवेश पहले दिल्ली में ही एक किराये के मकान में रहते थे। इसका पता रविंद्र को लग गया था। रविंद्र ने अशोक को दिल्ली में भी मारने का पहले प्रयास किया था। इसमें वह बच गए थे।
महिला ने बताया कि रविंद्र लगातार उनकी तलाश में था। तीन दिन पहले रविंद्र को उसने हस्तिनापुर में देखा था, लेकिन उसकी सही से उसकी पहचान नहीं कर सकी। यह बात उसने अशोक को बताई थी। शनिवार को अशोक दिल्ली नहीं गए। शाम को वह खाना खाने के बाद पार्क में घूमने के लिए गए थे। जैसे ही वह वापस लौटे, तभी मुंह पर कपड़ा बांधे रविंद्र और उसके चार साथियों ने हमला बोल दिया।
--
लहूलुहान अशोक को बचाने में लगी रही प्रवेश
पुलिस के मुताबिक प्रवेश ने घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी। वह खुद ही लहूलुहान अशोक को लेकर इधर-उधर घूमती रही। कॉलोनी में एक डॉक्टर से भी उसने अशोक का इलाज कराने की गुहार लगाई थी। एक निजी अस्पताल में भी लेकर गई, लेकिन इलाज नहीं मिला। बाद में सरकारी एंबुलेंस से अशोक को मवाना सीएचसी में ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
12 साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
महिला के मुताबिक अशोक के साथ उसका 12 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। तीन साल पहले वह घर से भागकर फरीदाबाद चली गई थी। यहां रविंद्र पहुंच गया था। इसके बाद वह हस्तिनापुर जाकर शिफ्ट हो गए थे। रविंद्र बार-बार उनको मारने की धमकी दे रहा था। अशोक की स्कूटी ले जाते समय आरोपी सीसीटीवी में कैद हो गए।
--
अशोक की पत्नी और मां मवाना पहुंचे
अशोक की हत्या की जानकारी लगते ही उसकी पत्नी कोमल अपनी सास को लेकर मवाना पहुंच गई। यहां प्रवेश अशोक के शव के पास पहले से मौजूद थी। सास और बहू ने प्रवेश को खरीखोटी सुनाई। पुलिस ने अशोक के शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। उसके बाद प्रवेश को फॉरेेसिंक टीम वाले हस्तिनापुर में लेकर जांच पड़ताल की। जबकि कोमल और उसकी सास पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचीं।