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खुशाली मौत प्रकरण: बेटों की तरह पाला, अपने दम पर बीएसएफ में हुई थी भर्ती, पिता का फूटा दर्द; पति-ससुर गए जेल

Tue, 18 Aug 2026 11:58 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: मेरठ के पल्लवपुरम निवासी डॉ. खुशहाली की शादी जनवरी माह में टीपीनगर निवासी मयंक चौधरी से हुई थी। पति से विवाद होने पर वह मायके में रह रही थी। रविवार सुबह अपने ही क्लीनिक में खुशहाली का शव लटका मिला था। 
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जेल भेजे गए पिता-पुत्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पल्लवपुरम फेज वन की रॉयल पार्क एक्सटेंशन कालोनी में डॉ. खुशाली की मौत के मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी की है। दहेज हत्या के प्राथमिकी में नामजद पति डॉ. मयंक और सेवानिवृत्त दरोगा ससुर हरेंद्र को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं पीड़ित पिता ने सास, देवर और देवरानी की गिरफ्तारी की मांग की है। 
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डॉ. खुशाली की फाइल फोटो और आरोपी पति मयंक। - फोटो : अमर उजाला
पल्लवपुरम क्षेत्र की रॉयल पार्क एक्सटेंशन कॉलोनी निवासी डॉ. खुशाली का शव 16 अगस्त की सुबह पल्हैड़ा फ्लाईओवर के पास फेस दो की सर्विस रोड स्थित क्लीनिक के कमरे में पंखे पर लटका मिला था। काफी देर तक फोन नहीं उठने पर खुशाली की मां ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद भाई रजत और अन्य परिजन वहां पहुंचे और दरवाजा तोड़ा। कमरे के अंदर खुशाली लटकी मिली थी और उसकी मौत हो गई थी। उसके दोनों हाथ आगे की ओर बंधे हुए थे। 
 

पति मयंक चौधरी के साथ डॉ. खुशहाली की शादी के समय की फोटो। - फोटो : अमर उजाला
खुशाली के पिता ने टीपीनगर क्षेत्र के आइरिस गार्डन निवासी बीएमएस चिकित्सक पति मयंक चौधरी, पीएसी में सेवानिवृत्त दरोगा ससुर हरेंद्र सिंह, सास निर्मला, देवर निशांत, और देवरानी पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर उसी दिन दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने सोमवार रात पति मयंक चौधरी और ससुर हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
 

बेटों की तरह पाला, अपने दम पर बीएसएफ में भर्ती हुई थी
खुशाली के पिता बीएसएफ में दरोगा जगदेव सिंह मंगलवार को सीओ दौराला के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सीओ शिव ठाकुर से मुलाकात कर सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पिता ने कहा कि सीओ साहब उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो किसी की बेटी के साथ ऐसा न कर सके। मेरी बेटी बहुत परेशान थी और लगातार उसे सताया जा रहा था। 
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उन्होंने बेटी को बेटों की तरह पाला और पढ़ाया-लिखाया था। खुशाली ने अपने दम पर बीएसएफ में नौकरी हासिल की थी। करीब दो वर्ष बाद उसने नौकरी छोड़कर आयुर्वेदा सेंटर क्लीनिक शुरू किया और खुद प्रैक्टिस कर रही थी। जगदेव सिंह ने बताया कि 14 जनवरी 2026 से 29 जुलाई तक उसे परेशान किया गया। शादी के समय मयंक के प्रैक्टिस करने की बात बताई गई थी लेकिन बाद में यह बात गलत निकली। आरोप है कि काम करने के लिए कहने पर वह बहाने बनाकर चला जाता था।

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