शहर में आए दिन चाइनीज मांझे से हो रहे हादसों को देखते हुए सोमवार को एसएसपी मंजिल सैनी दहल के निर्देश पर पुलिस अफसरों ने छापेमारी की। खैर नगर बाजार में पुलिस ने नौ दुकानों में पहुंचकर छानबीन की। डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने दो स्थानों से भारी संख्या में चाइनीज मांझे की चरखी बरामद की। पुलिस ने दुकानदार समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एएसपी कैंट सतपाल सिंह दोपहर दो बजे फोर्स के साथ खैरनगर बाजार में पहुंचे। जिन दुकानों पर पतंग और मांझा बेचा जा रहा था वहां सिपाही लगा दिए, जिससे चाइनीज मांझे को छिपा न सकें। एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता और कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। इस दौरान एक दुकानदार ने विरोध किया तो पुलिस ने सख्ती की। वहीं कई दुकानदार दुकान छोड़कर भाग गए।
एएसपी ने आशु की दुकान में घुसे और पतंगों के नीचे रखे एक बोरे बाहर निकलवाया। बोरा काटकर देखा तो उसमें चाइनीज मांझे की चरखी थीं। बाद में पुलिस ने आशु के गोदाम पर छापा मारते हुए एक और बोरा बरामद कर लिया। साथ ही पुलिस ने दुकानदार और उसके नौकर को गिरफ्तार कर देहलीगेट थाने भेज दिया। एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता ने बताया कि एसआई मनोज कुमार की तहरीर पर दुकानदार आशु उर्फ अरसुनिया निवासी खैरनगर और नौकर सावेज उर्फ सज्जू निवासी देहलीगेट के खिलाफ धारा 188 (144 का उल्लंघन), 290 (नियमों का उल्लंघन) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद आरोपियों के पक्ष में दुकानदार थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने फटकार कर भगा दिया। एसओ का कहना है कि जो धारा लगाई गई हैं उनमें थाने भी जमानत दी जा सकती है।
दिल्ली से लाया जा रहा है चाइनीज मांझा
पकड़े गये आशु ने बताया कि दिल्ली से चाइनीज मांझे को मेरठ में लाकर बेचा जा रहा है। मेरठ में खैरनगर और गोलाकुआं पर इसे रात में लाया जाता है। साधारण मांझे को बोरे में बाहरी तरफ भरा जाता है जबकि अंदर चाइनीज मांझे को रखा जाता है। दुकानों में भी चाइनीज मांझे को छिपाकर रखा जाता है।
170 में बेचा जा रहा है जानलेवा सामान
पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि एक चरखी में चार सौ मीटर चाइनीज मांझा होता है। एक चरखी को 170 से 190 रुपये में बेचा जाता है। पुलिस ने बताया कि मांझा खींचने या तोड़ने पर आसानी से नहीं टूटता, इसे लोहे के बरुदा से बनाया जाता है। बिजली की लाइन पर गिरने से इसमें करंट उतरने की भी संभावना रहती है।
एएसपी बोले मैं खुद कर लूंगा जांच
छापेमारी के दौरान जैसे ही पुलिस ने चाइनीज मांझा पकड़ा तो दुकानदार बोला कि यह चाइनीज मांझा नहीं है। इस पर एएसपी सतपाल सिंह ने कहा कि मैं खुद जांच कर लूंगा कि यह चाइनीज मांझा है या नहीं। एएसपी ने चाइनीज मांझे को चरखी से उतारा और दुकानदार से कहा कि इसे देखना टूटता है या नहीं, इस पर दुकानदार आशु ने कहा कि साहब माफ कर दो, यह चाइनीज मांझा है। अब से आगे नहीं बेचा जाएगा।
लगातार हो रहे हैं हादसे
चाइनीज मांझे की पिछले दस दिन में कई लोग चपेट में आ चुके हैं। हापुड़ रोड, इंदिरा चौक, मछेरान, लिसाड़ीगेट, कोतवाली, देहलीगेट और अन्य स्थानों पर पक्षी भी चाइनीज मांझे की चपेट में आ रहे हैं। चार दिन पहले नई सड़क पर स्कूटर से जा रहे व्यापारी मांझे की चपेट में आकर गिर गये थे।
शहर में कई जगह चाइनीज मांझा बेचे जाने की सूचना मिली थी। जबकि ये चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है। आगे भी अभियान चलाया जाएगा। मंजिल सैनी दहल, एसएसपी