मुजफ्फरनगर। गन्ने का पेराई सत्र अंतिम दौर में पहुंच गया है। जिले की खाईखेड़ी, टिकौला और भैसाना चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त हो गया। आईपीएल ग्रुप की रोहाना चीनी मिल का सत्र भी इसी सप्ताह पूरा होने की संभावना है। खतौली और मोरना मिल का सत्र लंबा खिंचने के आसार है।
जनपद की आठ चीनी मिलों ने अभी तक 947 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। अब तक 96 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। पिछले सत्र के मुकाबले इस बार चीनी का उत्पादन अधिक होने के आसार हैं। खतौली, तितावी, मोरना, मंसूरपुर और रोहाना कलां चीनी मिल का पेराई सत्र चल रहा है। तितावी मिल क्षेत्र से किसानों को इंडेंट जारी किया गया, जिसके बाद खेड़ी सूंडियान समेत आसपास के अन्य तौल केंद्रों पर गन्ना वाहनों की लंबी कतार लग गई।
- बुढ़ाना चीनी मिल पर सबसे ज्यादा बकाया
जिले की भैसाना चीनी मिल पर सबसे ज्यादा बकाया है। मिल ने अभी तक सिर्फ करीब 33 प्रतिशत भुगतान किया है। मिल ने वर्तमान पेराई सत्र में 122 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। 292 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। चीनी रिकवरी का प्रतिशत भैसाना का जिले में सबसे ज्यादा रहा। 11.11 प्रतिशत रिकवरी रही।
- टिकौला मिल ने किया शत-प्रतिशत भुगतान
टिकौला चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त हो गया है। चीनी मिल ने किसानों का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। इसके अलावा खतौली, आईपीएल ग्रुप की तितावी और रोहाना मिल भी किसानों को बेहतर भुगतान कर रही है।
- गन्ने में बीमारियों का पता लगाएगी विभाग की टीम
मुजफ्फरनगर। गन्ना एवं चीनी आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय के निर्देश पर गन्ने में बीमारी की जांच के लिए परिक्षेत्र के हिसाब से टीमें बनाई गईं हैं। डीसीओ संजय शिशोदिया ने बताया कि खेतों पर पहुंचकर बीमारियों के विषय में जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। किसानों से आह्वान किया जा रहा है कि बीमारी फैला रही 0238 प्रजाति की इस बार बुवाई न करें।