शहर केपॉश इलाके आबूलेन स्थित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश धींगड़ा के होटल राजमहल पर बृहस्पतिवार को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान सदस्यों के साथ धक्कामुक्की और विरोध हुआ। इसके बाद लोगों का हुजूम लग गया और व्यापारी जमा हो गए। हंगामे और विरोध के बाद सीजीएसटी की टीम को सदर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस केपहुंचने के बाद विरोध बंद हुआ। इसके बाद टीम ने करीब छह घंटे तक होटल का रिकार्ड खंगाला और कुछ रिकॉर्ड जांच के लिए साथ ले गई।
सीजीएसटी (पहले सेंट्रल एक्साइज) की टीम का नेतृत्व कर रहे डिप्टी कमिश्नर शशांक यादव ने बताया कि इस होटल का वर्ष 2013 से वैट और सर्विस टैक्स जमा नहीं हुआ है और न ही रिटर्न फाइल किया गया है। हालांकि ग्राहकों से दोनों टैक्स ले रहे हैं। यह टैक्स एक जुलाई केबाद से जीएसटी केतहत आता है। यहां छानबीन करने के लिए दोपहर दो बजे टीम गई थी। रात आठ बजे तक कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि शुरू में टीम का होटल स्टाफ और व्यापार संघ के लोगों ने विरोध और अभद्रता की। उन्होंने बताया कि होटल मालिक टैक्स देने को तैयार हो गए हैं। इन पर कितना टैक्स बनता है, यह स्क्रूटनी केबाद ही पता चलेगा। होटल के रिकार्ड की पेन ड्राइव छीनने की चर्चा को उन्होंने अफवाह बताया। सीजीएसटी के सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में 20 से 30 लाख के टैक्स का अनुमान है। सीजीएसटी की टीम में अधीक्षक पंकज त्यागी, मनमोहन पंत, प्रकाश रावत, निरीक्षक संजय आनंद, अनुज गुप्ता और निरीक्षक साकेत आदि थे।
‘मौके पर नहीं था, टीम का किया सहयोग’
कांग्रेस नेता रमेश धींगड़ा का कहना है कि जिस समय सीजीएसटी की टीम आई, वे होटल पर नहीं थे। होटल स्टाफ शुरू में टीम को समझ नहीं पाया, इसलिए परेशानी हुई। बाद में उन्हें सूचना मिली तो वे वहां पहुंचे और टीम का सहयोग किया। उन्हें सारा रिकार्ड दिखाया। वे सर्वे के लिए आए थे।
होटल स्टाफ ने समझा संदिग्ध घुस आए
संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि होटल स्टाफ ने शुरू में उन्हें संदिग्ध समझ बैठा, इसलिए टीम का विरोध किया। उन्होंने बताया कि सीजीएसटी अधिकारियों से भी उन्होंने कहा कि यदि पहले से व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को सूचना दे देते, तो इस तरह की परेशानी नहीं होती। उन्होंने बताया कि सीजीएसटी टीम रिकार्ड का अवलोकन कर रही है। टीम ने उन्हें बताया कि 2013 से जुलाई 2017 तक का वैट और सर्विस टैक्स जमा नहीं किया गया है। इनका रिटर्न डेढ़ करोड़ सालाना बताया जा रहा है। इस दौरान संयुक्त व्यापार संघ केउपाध्यक्ष दलजीत सिंह, पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश चंद जैन, पूर्व मंत्री विपुल सिंघल, आबूलेन व्यापार संघ के पदाधिकारी सरदार नरेंद्र सिंह, आकाश खन्ना और सरदार राजवीर सिंह आदि रहे।